मुख्यगणधर!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य गणधर– Mukhya Gandhar. Head of the chief of disciples of Lord. तीर्थंकर के प्रधान शिष्य, जो दिव्यध्वनी का सार दवादवाशांगश्रुत के रूप में जगत को प्रदान कटे है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य गणधर– Mukhya Gandhar. Head of the chief of disciples of Lord. तीर्थंकर के प्रधान शिष्य, जो दिव्यध्वनी का सार दवादवाशांगश्रुत के रूप में जगत को प्रदान कटे है”
आचार संपदा Assests like right belief, right knowledge & right conduct. सम्यग्दर्शन सम्यग्ज्ञान सम्यज्ञचारित्र रूप संपत्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति बंध – Prakrti Bandha. Regular binding of different types of karmic natures. राग, द्वेषादि के निमित्त से जीव के साथ ज्ञानावरणादि कर्मों का निरंतर बंध होना अर्थात् जीव के भावों की विचित्रता के अनुसार विभन्न प्रकार की फलदान शक्ति वाले कर्मों का बंध होना “
इंद्रिय अवग्रह Sensory apprehension. इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का प्रार्थमिक ग्रहण होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा गुरू :Acharyas of Moolsangh in the tradition of Gautam Swami. गौतम स्वामी की परम्परा में मूलसंघ के आचार्यगण ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य कक्ष – Bahya Kaksa. Exterior cells. आंगन , बरामदा आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीपाल – Shreepaala. One who was got married with Mainasundari and was cured from leprosy by religious treatment, Name of king caused to Nemichandra Saidhantikdev to write Drivya Sangrah. चम्पापुर नगर के राजा अरिदमन का पुत्र ” मैना सुन्दरी से विवाहा गया ” कोढ़ी होने पर मैना सुन्दरी कृत सिद्धचक्र विधान के गंधोदक से…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवाहन – Sanvaahana. Mountaineous dwelling place surrounded with forest. बहुत प्रकार के अरण्यों से युक्त महापर्वत के शिखर पर स्थित नगर “