सत्कीर्ति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्कीर्ति – Satkeerti. Good fame or reputation. सुयश “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वाणी-विवेक : == हिदमिदवयणं भासदि, संतोषकरं तु सव्वजीवाणं। —कार्तिकेयानुप्रेक्षा : ३३४ साधक दूसरों को संतोष देने वाला हितकारी और मित—संक्षिप्त वचन बोलता है। मा कडुयं भणह जणे महुरं, पडिमणह कडुयभणिया वि। जइ गेण्हिऊण इच्छह लोए सुहयत्तण—पडायं।। —कुवलयमाला : ८५ यदि संसार में अच्छेपन की ध्वजा लेकर चलना चाहते…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचपाप – Panchapaapa. Five kinds of sinful activities (violence, to lie, tealing, bad conduct, possessions). हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवित्ति – Sanvitti. Consciousness, Intuition. ज्ञान, चेतना, अनुभव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्तून ग्रह – Vastoona Graha.: One of the 88 planets. ज्योतिष के 88 ग्रहों में एक ग्रह “
उभयवाद Theory of two fold nature of reality or of the identity and difference . दोनों प्रकार का मत।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लय – लीनता, तन्यमयता जो मुनि कल्पना के जाल को दूर करने अपने चैतन्य आनंन्दमय स्वरूप में लय को प्राप्त होता है वही निष्चयरत्नत्रय का स्थान होता है। Laya-Absolute engrossment
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसुदेव – Vasudeva.: Name of the 20th chief disciple of Lord Rishabhdev,father of Lord Krishna. भगवान ऋषभदेव के 20वें गणधर ,अन्धकवृष्णि का पुत्र समुद्रविजय का भाई कृष्ण के पिता “
उद्दिष्ट Intended, Purposeful, With motive. जिसका विचार किया हो उद्देश्य बंधा हो नियत की हुई हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]