द्वींद्रिय जाति नामकर्म!
द्वींद्रिय जाति नामकर्म A Karmic nature causing birth in the form of two sensed beings. वह कर्म प्रकृति जिसमें द्वींद्रिय जाति प्राप्त हो जैसे- शंख, सीप इत्यादि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वींद्रिय जाति नामकर्म A Karmic nature causing birth in the form of two sensed beings. वह कर्म प्रकृति जिसमें द्वींद्रिय जाति प्राप्त हो जैसे- शंख, सीप इत्यादि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भास्करनंदी – Bhaskaranandi. Name of a saint who wrote ‘Dhyanstava’ and other treatises. मुनि; तत्त्वार्थसूत्र की सुखबोधिनी व्रत्ति तथा ध्यानस्तव के रचयिता ” समय – ई.श. १४ “
ऊहा Synonym word of Iha (reflective speculation, curiosity). ईहा का पर्यायवाची।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हृद – Hrada. A large pond, large lake, water reservoir. तालाब, कुण्ड (6 वर्षधर पर्वतो पर स्थित है, इनमें से गंगा आदि 14 नदियां निकलती है)।
आदिकर्म Six fundamental duities of mundane life given by Lord Rishabhdev (Asi, Masi, Krishi, Vidya, Vanijya & Shilp). युग की आदि में कहे गये असि,मसि,कृषि, विद्या, वाणिज्य एंव शिल्परूप छः कर्म।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्वेषण मंत्र – Vidvesana Mantra. Mystical verses for the use of causing mutual contradiction. वशीकरण, मारण, उच्चाटन आदि मन्त्रों में से परस्पर में विद्वेष कराने वाला एक मंत्र “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हूहू – Huuhuu. A type of peripatetic deities, a large unit of time. गंधर्व नाम के व्यंतर देवांे का एक भेद। कोल का एक प्रमाण, हूह्नंग प्रमित काल के 84 लाख से गुणित होने पर प्राप्त काल।
द्वितीयावली A specified time period (related to Avali). उदयावली से ऊपर के आवली प्रमाण काल को द्वितीयावली या प्रत्यावली कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हितोपदेश – Hitopadesa. Benevolent speech, spiritual preaching. जिस धर्म उपदेष के द्वारा प्राणीमात्र का हित होता है।
द्विगु Numeral compound word. तत्पुरूष समास का एक भेद; जिसमें पूर्वापद संख्यावाचक होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]