भावासन्न!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावासन्न – Bhavasanna. Impure saint. जो साधु चारित्र से भ्रष्ट होकर सिध्द मार्ग की अनुयायी क्रियाएं करता है तथा असंयत जनों की सेवा करता है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावासन्न – Bhavasanna. Impure saint. जो साधु चारित्र से भ्रष्ट होकर सिध्द मार्ग की अनुयायी क्रियाएं करता है तथा असंयत जनों की सेवा करता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूमिस्पर्श:A type of fault related to saint food (touching the land by hands).साधु का आहार संबंधी एक अन्तराय; हाथसेभूमि को छूना।
ऐश्वर्य मद Puff or pride of prosperity. 8 मदों में एक मद, धन सम्पत्ति आदि का घमंड।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूमिसंस्तर – Bhumisamstara. A suitable land base related to the Samadhi of a Jaina saint. संस्तर के ४ भेदों में एक भेद; जो जमीन मुदु नहीं है, जो छिद्र रहित, प्राणी रहित, प्रकाश युक्त, हो एवं क्षपक के देहप्रमाण और गुप्त हो “
एकप्रदेशी Matter having single space-point. काल द्रव्य एकाप्रदेशी कहलाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृषापाप–Mrashapaap. To speak a lie, a sin. 5 पापो में दूसरा पाप–असत्य भाषण या झूठ बोलना”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावयोग – Bhavayoga. Subjective (psychical) vibration. मन वचन काय से संयुक्त संसारी जीव के अंगोपांग व शरीर नाम कर्म के उदय से जीव की वह शक्ति जो कर्म व नोकर्म को ग्रहण करती है “
उत्तम स्थान Salvation, The supreme place. सर्वोत्तम श्रेष्ठ स्थान मोक्ष।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव – Vibhava. Passionate feelings ( i.e feelings contrary to real nature ) due to the fruition of Karmas. कर्मों के उदय से होने वाले जीव के रागादि भावों को विभाव कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयातीत – Vishayatita. Supreme bliss. विषयों की निवृति से उत्पन्न होने वाला सुख अर्थात् संसार के विषयों से अतीत स्वाधीन अव्याबाध सुख “