चतुर्थज्ञान!
चतुर्थज्ञान Telepathy (Manahparyay Gyan); a type of knowledge. मनःपर्यय ज्ञान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्थज्ञान Telepathy (Manahparyay Gyan); a type of knowledge. मनःपर्यय ज्ञान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयाग- भगवान ऋशभदेव की दीक्षा एवं केवज्ञानकल्याणक भूमि (जहाँ भगवान ने प्रकृश्ट रुप से त्याग किया), वर्तमान इलाहाबाद (उ.प्र.)। युग के प्रथम केषलोंच, प्रथम जैनेष्वरी दीक्षा, प्रथम केवलज्ञान, प्रथम समवसरण एवं प्रथम आर्यिकादिक्षा की भूमि। पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती मातजी की प्ररण से ई. सन् 2001 में इस भूमि पर (इलाहाबाद-बनारस हाइवे पर) “तीर्थकर…
दुन्दुभीनाद An auspicious emblem of Lord (sound of kettle-drum). भगवान के आठ प्रातिहार्यों में एक प्रातिहार्य एंव पंचाश्रचर्यवृष्टि में से एक (नगाडे की आवाज)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमा प्रमेय- न्याय विशयक एक ग्रंथ। PramaPremeya- Name of book related to judicial matter
दुर्दर An infraction of meditative relaxation, A mountain of Bharat Kshetra middle Arya Khand (region). कायोत्सर्ग एंव वंदना का एक अतिचार , भरतक्षेत्र मध्य आर्यखण्ड के मलयगिरि के निकट स्थित एक पर्वत। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाणंगुल- उत्सेधंगुल से 500 गुना बडा अंगुल। इससे पर्वत, द्वीप, समुद्र आदि का माप होता है। Pramanamgula- A broad measuring unit, A measure
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण परार्थ- परोपपदेष से प्राप्त ज्ञान। PramanaParartha- Knowledge caused by other means
देवकूट Name of a summit of Chandragiri Vakshar in western Videh. अपर विदेह स्थित चन्द्रगिरि वक्षार का एक कूट।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमत्त संयत- छठे गुणस्थानवर्ती मुति; जो पुरुश सकल मूल-गुणों से और शील अर्थात उत्तर गुणें से सहित हैं, अतएव महाव्रती होते हैं तथा व्यक्त औश्र अव्यक्त प्रमाद से सहित होने के कारण प्रमŸा संयत कहलाते हैं। Pramattasamyata- One restrained with some carelessness in the sixth stage of spiritual development