प्रमाण परार्थ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण परार्थ- परोपपदेष से प्राप्त ज्ञान। PramanaParartha- Knowledge caused by other means
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण परार्थ- परोपपदेष से प्राप्त ज्ञान। PramanaParartha- Knowledge caused by other means
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष उपयोग – Vishesha. Special consciousness. ज्ञानोपयोग या साकारोपयोग, जो सामान्य – विशेशात्म्क पदार्थो के आकार को ग्रहण करे अर्थात् ज्ञान पदार्थो को विशेष करके जानता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमत्त संयत- छठे गुणस्थानवर्ती मुति; जो पुरुश सकल मूल-गुणों से और शील अर्थात उत्तर गुणें से सहित हैं, अतएव महाव्रती होते हैं तथा व्यक्त औश्र अव्यक्त प्रमाद से सहित होने के कारण प्रमŸा संयत कहलाते हैं। Pramattasamyata- One restrained with some carelessness in the sixth stage of spiritual development
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवर – Vivara. The opening, cracks, holes, The big holes in the bottom of Lavan ocean celled as patal (Lower world). दरार, छिद्र, अंतराल, स्थान, अवकाश, लवण, समुद्र की तली में स्थित बड़े –बड़े खड, जिन्हें पाताल भी कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभामंडल- भगवान के आठ प्रतिहार्यों में 7 वां प्रतिहार्य। Prabhamandala- An auspicious emblem of god (ring of light: halo)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचारी – Brahmacari. A celibate. ब्रह्मचर्य व्रत को परिपूर्ण रूप से पालन करने वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रनयन – Sahasranayana. The son of Sulochana. सगर चक्रवर्ती का साला तथा सुलोचना का पुत्र ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावकाय – Bhava Kaya. Renouncement of bodily attachment. गुप्ती; कायगत ममता रूप परिणाम का त्याग करना भावकाय गुप्ती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवसेतु – Bhavasetu. Spiritual bridge to cross the worldly transmigra-tion. संसार को पार करने के लिए जो पुल के समान हैं , ऐसे जिनेन्द्र भगवान या उनकी भक्ति “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वाभाद्रपद – Purvabhadrapada. Name of a lunar. एक नक्षत्र का नाम “