प्रतिपृच्छा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपृच्छा – Pratiprichchhaa. Re-questioning, reasking (accepting something after asking for it). समाचार का एक भेद; साधर्मी अथवा गुरु आदि से पहले दिए हुए उपकरणों को पुनः पुनः पूछकर ग्रहण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपृच्छा – Pratiprichchhaa. Re-questioning, reasking (accepting something after asking for it). समाचार का एक भेद; साधर्मी अथवा गुरु आदि से पहले दिए हुए उपकरणों को पुनः पुनः पूछकर ग्रहण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिच्छन्न – Praticchanna. A type of peripatetic deities. व्यन्तर देवों की भूत जाति का एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथी – राजाओं के पाच भेदो में से एक भेद, ये भेद हैं – अतिरथ, महारथ, समरथ, अध्र्र्र्र्थ, रथि। Rathi-A great warrior
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतरावली – Prataraavalee. Squar of Aavalee ( a time unit). आवली का मार्ग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पनंदी – Puspanamdi. A disciple of Toranacharya & the preceptor of Prabhachandra. आप तोरणाचार्य के शिष्य और प्रभातचन्द्र के गुरु (ई. ७०३) थे “
इंगिनी(मरण) A type of holy death, Voluntary death. सल्लेखना का एक भेद शास्त्रविधि पूर्वक क्रमशः आहार का त्याग करके स्वाश्रित रहकर दूसरे के द्वारा वैयावृत्ति आदि नहीं कराते हुए समाधि ली जाती है इस प्रकार की सल्लेखना उत्तम संहनन के धारी लेते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्करावती – Puskaravati. Name of a palace of Bharat Chakravarti. भरत चक्रवर्ती का एक महल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगषल्य – षल्य का एक भेद, असंयम में प्रवृत्ति होना। Yogasalya-uncontrolled conduct (A type of Sting)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषदत्ता – Purusadatta. Ruling female demigod of Lord Sumatinath. भगवान सुमतिनाथ की शासन देवी (यक्षिणी) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविवयकहा – नेमिचंद्र – 6 द्वारा कृत एक अपभ्रंष ग्रंथ। Ravivayakaha-name of a book in Apabhransha language