निर्यानपथ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्यानपथ – Niryaanapath. The path of getting free from the wotldly cycle. संसार पर्यटनसे निकलने का मार्ग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्यानपथ – Niryaanapath. The path of getting free from the wotldly cycle. संसार पर्यटनसे निकलने का मार्ग “
आश्चर्य Surprise, astonishment, A summit situated in Padmahrad (a lake). विस्मय अचम्भा पद्मह्रद में स्थित एक कूट।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मल शरीर –Nirmala Shareera. Serene body of Lord Arihant (an excellence of birth). पवित्र (मल रहित) शरीर; तीर्थंकर भगवान के जन्म का एक अतिशय “
आश्रय-आश्रयी स्म्बन्ध See – Ådhåra – Ådheya Sambandha. देखें-आधार-आधेय सम्बन्ध।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्देश आदेश ओघ – Nirdesha Aadesha Ogha. Detailed instruction related to apiritual investigation & stage of spritual development. मागर्णा और गुणस्थान के स्वरुप का कथन “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमकगिरी–Yamakgiri. See – Yamak. देखे–यमक” गोल, उचाई 1000 योजन, नीचे की चौड़ाई 1000योजन, ऊपर की चौड़ाई 500 योजन” इन पर इसी नाम के धारक देव रहते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्ग्रंथ – Nirgrantha. Unattached & possessionless saint, who is just going to be omniscient. निर्ग्रंथ साधु का एक भेद; वे साधु जिनके मोह का नाश हो गया है एवं अन्तर्मुहूर्त के बाद ही केवलज्ञान होने वाला है (बारहवें गुणस्थानवर्ती) “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == स्नेह : == नियलेहि पुरिओ च्चिय वच्चइ पुरितो जहिच्छियं देसं। एक्कं पि अंगुलमिणं, न जाइ घणनेह—पडिबद्धो।। —पउमचरिउ : ५६९ जंजीरों से बंधा हुआ मनुष्य इच्छानुसार देश में जा सकता है, पर घने स्नेह से जकड़ा हुआ मनुष्य एक अंगुल भी नहीं जा सकता।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरालंब ध्यान – Niraalamba Dhyaana. Supreme meditation. आलम्बन रहित शुक्ल ध्यान, जहाँ पर ध्यान, ध्येय एवं ध्याता का कोई विकल्प नहीं होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोगवाद – Sanyogavaada. A doctrine believing the accomplishment of everything by alliance of matters. वस्तुओं के संयोग से ही सर्वकार्य की सिद्धि मानने वाला एकांत मत “