तुलिंग!
तुलिंग A country of Bharat ksherta in Aryakhand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड का एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तुलिंग A country of Bharat ksherta in Aryakhand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड का एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
छाग A billy-goat, significant symbol of Lord Kunthunath. बकरा; कुंथुनाथ भगवान का चिन्ह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सवितर्क – Savitarka. Unconscious thought activities in absolute meditation. पृथक्त्वविर्तक एवं एकत्व वितर्क दोनों शुक्लध्यान वितर्क सहित है। विचार करने को वितर्क कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावानंत – Bhavanamta. A kind of infinity. अनंत का एक भेद; यह आगम और नोआगम की अपेक्षा दो प्रकार का है “
जंगम-प्रतिमा Body of Digambar Jain saint which is symbolic form of Lord-Arihant. दर्शन ज्ञान करके शुद्ध है आचरण जिन्का ऐसे वीतराग निर्ग्रन्थ साधु की देह उसकी आत्मा से पर होने के कारण जिनमार्ग में जंगम प्रतिमा कही जाती है अथवा ऐसे साधुओं के लिए अपनी और अन्य जीवों की देह जंगम पेरातिमा है , समवशरण…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वासंख्यात – Sarvaasankhyaata. Innumerable (uncountable). घनलोक सर्वासंख्यात है क्योंकि घनरूप से लोक के देखने पर प्रदेषों की गणना की अपेक्षा वे संख्यातीत है।
तिलोयपण्णत्ति A book written by Acharya Yativrishabh. आचार्ययतिवृषभ (ई. 143- 173)द्वारा रचित करणानुयोग का प्राकृत गाथाबद्ध अति प्राचीन प्रामाणिक ग्रंथ , जिसमें तहन लोक का विस्तृत वर्णन है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर्य चर्या –ViryaCarya. See – ViraCarya देखे – वीर्य चर्या
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसावद्य योग -Sarvasaavadya yoga. Sinful worldly activities. समस्त आरंभ परिग्रह से सहित मन, वचन कायरूप योग । इनकी निवृत्ति सामायिक का लक्षण है।
तिर्यक् द्विक A dyad related to subhuman beings (Tiryanch). तिर्यच गति व आनुपूर्वी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]