तेजकायिक!
तेजकायिक Fire bodied living beings. 5 स्थावर जीवों में एक अग्नि आदि में उत्पन्न जीव।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तेजकायिक Fire bodied living beings. 5 स्थावर जीवों में एक अग्नि आदि में उत्पन्न जीव।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चेतनपुद्गल धमाल A book written by Buchiraj in 1532. बूजिराज द्वारा ई.सन् १५३२ में अर्चित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तैजस द्रव्य वर्गणा A type of aggregates of karmic molecules producing lustre in body. 23 वर्गणाओं में एक वर्गणा, जो शरीर को कांति देती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संचारगति – Sanchaaragati. Speed transmission or movement. गति के अनेक भेदों में एक भेद “
चन्दनछट्ठी कहा A book written by Pandit Lakhu. पंडित लाखू (ई.श. १३ का पूर्वपाद) द्वारा रचित कथा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तेयानंद – Steyanamda. To feel pleasure in theft.रौद्रध्यान के 4 भेदो मे एक भेद, चैर्यानंद। प्रमादपूर्वक दूसरे के धन को बलात् हरने का अभिप्राय रखना या उसमे हर्षित होना।
तिलका A city in the north of Vijayardh mountain. विजयार्थ की उत्तर श्रेणी का एक नगर। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चर्मरत्न A jewel of Chakravarti (emperor) helps in walking through water without sinking. चक्रवर्ती का एक अचेतन रत्ना . जिसे जल पर बिच्छा देने से थलवत् गमन होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधान क्रिया – Samaadaana Kriyaa. A kind of passionful influx, to be restraintless or to violate the vows etc. साम्परायिक आस्त्रव की 25 क्रियाओ मे एक क्रिया; संयमी पुरुष का असंयम के अभिमुख होना। यह प्रमादवर्धक क्रिया होती है।