बाहुतप!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाहुतप – Bahutapa. See – PrasaritaBahu Tapa. देखें – प्रसारीत बाहु तप “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाहुतप – Bahutapa. See – PrasaritaBahu Tapa. देखें – प्रसारीत बाहु तप “
एसोदसव्रत A type of fasting with specified procedure. क्रम से 1 से लेकर 11उपवास करना फिर एक हानि क्रम से 10 से लेकर 1 उपवास तक करना, बीच में 1-2 पारणा करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशलेषण – Vishleshna. Analyssis, Disintegration. व्याख्यान या विवेचन करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर – Svara. Voice, tone, tune, musical notes. शब्द। अष्टांग निमित्तज्ञान का एक भेद, यह दो प्रकार का होता है- दुःस्वर और सुस्वर। इनसे इष्ट और अनिष्ट पदार्थ के प्राप्त होने का संकेत प्राप्त होता है। संगीत कला से सम्बन्धित मध्यम, ऋषभ, गांधर, षड्ज, पंचम, धैवत और निषात 7 स्वर । ये आरोही और…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संतलाल – Santalaala. Name of a Jain poet, the writer of ‘Siddhachakra Vidhaan’. सिद्धचक्र विधान के कर्ता एक जैन कवि ” समय-ई.श. 17-18 “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्वभाव स्थिति – Svabhaava Sthiti. State of absolute engrossment in soul. निश्चय रत्नत्रय। स्वरुप मे लीनता या निश्चय अवस्थान।
उपशमक अनिवृत्तिकरण Subsider rising up at the 9th stage of spiritual development. 9 वें गुणस्थान को प्राप्त उपशम कर्ता जीव।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यग्रता विनिव्रती –Vyagrata Vinivrtti. To engross into deep meditation(to five up the agitated state of the mind). ध्यान; चित्त की व्याकुलता का त्याग करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव गुण व्यंजन पर्याय – Svabhaava Guna Vyammjana Paryaaya. Natural momentary states of omniscients & different states of matters etc. केवलज्ञानादि अनंत चतुष्टय स्वरुप जीव की स्वभाव गुण व्यंजन पर्याय है तथा परमाणु मे रहने वाले एक वर्ण, गंध, रस तथा अविरुद्व दो स्पर्ष पुद्गल द्रव्य की स्वभाव गुण व्यंजन पर्याय है।
उपशम भाव Feelings produced by the subsidence of Karmas, Repentance feeling.कर्मों के उपशम से उत्पन्न भाव अपनी भूल स्वीकार करके क्षमा मांग लेने पर उत्पन्न होने वाला भाव।[[श्रेणी:शब्दकोष]]