चलुलित दोष!
चलुलित दोष A fault pertaining to irregular singing of prayer. वंदना के ३२ दोषों में से एक ; पथ को पंचम स्वर में गाकर बोलना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चलुलित दोष A fault pertaining to irregular singing of prayer. वंदना के ३२ दोषों में से एक ; पथ को पंचम स्वर में गाकर बोलना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारूकीर्ति An Acharya of Nandisangh. नंदिसंह के एक आचार्य का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभवचनयोग – Shubha Vachanayoga. Auspicious saying or speech. सत्य, हित, मित, प्रिय वचन बोलना आदि शुभ वचन योग है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ तैजस शरीर – Shubha Taijasa Shareera. Auspicious lustrous body possessed by super saints. ऋद्धिधारी मुनियों के औदारिक शरीर से उत्पन्न होने वाला तेज़ और प्रभागुण से युक्त शरीर “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभीषण – Vibhishana. The younger brother of Ravan, who ultimately initiated with Ram Chandra and became a heav-enly deity. रावण का छोटा भाई व रत्नश्रावा का पुत्र ” अंत में राम के साथ दीक्षित हुआ और अनुदिश विमान में देव हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ उपयोग – Shubha Upayoga. Auspicious and right conduct. दया, दान, पूजा, व्रत, शील आदि रुपराग और चित्त-प्रसाद रूप परिणाम होना शुभोपयोग है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुलोचन -Sulochana. One with attracting eyes, The 20th son of king Dhritrashtra. सुन्दर नेत्रों वाला, राजा धृतराष्ट्र एवं रानी गांधारी का 20 वाॅं पुत्र ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपरिणामना – Viparinamana. Change or modification in state. सत् के द्वारा अवस्थान्तर की प्राप्ति होना ” यह प्रक्रति विपरिणामना, स्थितिविपरिणामना, अनुभाग- विपरिणामना, प्रदेशविपरिणामना ४ प्रकार की होती है “
चतुर्दश मार्गणा Fourteen ways of soul quest. १४ मार्गणा ; गति , इन्द्रिय , काय , योग , वेड , कषाय ,ज्ञान ,संयम ,दर्शन , लेश्या , भाव्यत्व , सम्यक्त्य्व , संज्ञित्व , आहार ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समय भूषण – Samaya Bhooshana. Name of a composition composed by Acharya Indranandi. आचार्य इन्द्रनंदि (ई.श. 10-11) की एक रचना।