बादर दोष!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर दोष- साधु संबंधी आहार के एक दोष प्राभृत का उपभेद; दिन, महीना आदि को बदलकर आहार दान देना। Badara dosha- A fault of food related to Jaina saint
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर दोष- साधु संबंधी आहार के एक दोष प्राभृत का उपभेद; दिन, महीना आदि को बदलकर आहार दान देना। Badara dosha- A fault of food related to Jaina saint
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संग्रह कृष्टि – Sangraha Krshti. A kind of gradual destruction of passions. कृष्टियों के अनेक भेदों में एक भेद ” क्रोधादि संज्वलन कषायों की जो 12,9,6 और 3 कृष्टियां होती है वे ही संग्रह कृष्टियां हैं ” पुनः इस एक-एक संग्रह कृष्टि की अंतर कृष्टियां अनंत होती हैं ” क्योंकि अनंत कृष्टियों के समूह…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोह– Moha. Delusion, Attachment. सांसारिक वस्तुओ में ममत्व या मूर्छा भाव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्याताणुवर्गणा – Sankhyaataanuvarganaa. A kind of aggregates of Karmic molecules. 23 प्रकार की वर्गणाओं में एक वर्गणा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाण- तीर, चाप की गहराई- जिसे निकालने की विधि Bana- Arrow, Depth of an arch, Name of Vidydhar of the vijyaradha mountain
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विध्यात संक्रमण – Vidhyata Sankramana. A type of transition (reg. soul with low purity). संक्रमण के ५ भेदों में एक भेद; मंद विशुध्दता वाले जीव की स्थिति – अनुभाग को घटाने रूप भूतकालीन स्थितिकाण्डक – अनुभागकाण्डक तथा गुणश्रेणी आदि परिणामों में प्रव्रत्ति होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशांति- उत्कृश्ट शांति तीर्थकर शांतिनाथ के पÜचात दो राजाओं के बाद हुआ कुरुवंषी राजा। Prasanti- Tranquility, Calm A king of kuru dynasty
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यत्याचार–Yatyachar. Name of a book written by Acharya Padmanandi – 7, Well conduct of saints, Great treatises containing description of saints’ conduct. आचार्य पद्मनंदी -7(ई. 1305) की एक रचना,साधुओ के आचार-विचार को यत्याचार कहते है” जिन ग्रंथों में यतियों के आचार आदि का वर्णन हो वे भी यत्याचार कहलाते है” जैसे- मूलाचार, भगवती…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बकुल- नमिनाथ भगवान के दीक्षा एवं केवलज्ञान वृक्ष का नाम (मौलसिरी)। Bakula- name of the initiation & ommiscience tree of lord Naminath