बाह्य कारण!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य कारण – Bahya Karana. External cause. कार्य सिध्द में निमित्तभुत बाहरी कारण जिसके होने पर कार्य की सिध्द अवश्यंभावी नहीं है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य कारण – Bahya Karana. External cause. कार्य सिध्द में निमित्तभुत बाहरी कारण जिसके होने पर कार्य की सिध्द अवश्यंभावी नहीं है “
उत्पादक Producer, Manufacturer, Grower. बनाने वाला या उत्पन्न करने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरुपक्रम आयुष्क – Nirupakrama Aayushka. Beings having non reducible age or to have timely death (according to Jaina philosophy). अन्पवर्तितआयुष्क देव, नारकी, भोगभूमिज तिर्यच व मनुष्य जिनका अकालमरण नहीं होता “
उत्कृष्ट क्षायिकलब्धि Achievement of omniscience by destruction of karmas. केवलज्ञान की प्राप्ति जिसमें उत्कृष्ट संख्या अविभाग प्रतिच्छेदों की होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निराकार स्थापना निक्षेप –Nirakaara sthaapanaa Nikshepa. Unmaching installation of two different images. किसी वास्तु में किसी की स्थापना जिसमें उसका आकर वैसा न हो “
उडुपालन A king of Vidyadhar dynasty. एक विद्याधर राजा जो पुत्र को राज्य सौंपकर दीक्षित हो गया था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुवप्रा – Suvapraa. Name of a country of the werstern Videh (region). पश्चिमी विदेहस्थ एक देष, वैजयन्ती यहाॅं की राजधानी है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरपराध – Niraparaadha. Innocent, Blameless, Guiltless. निर्दोष, कलंकरहित, निरीह “
उच्चार Pronunciation, Excretion. वचनों का उच्चारण विष्टा को उच्चार कहते है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुराष्ट्र – Suraashtra. A country of western Arya Khand (region) in Gujarat state. पश्चिम आर्यखण्ड का एक देष (गुजरात प्रांत का एक भाग) अपरनाम सोरठ ।