विजयसेन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयसेन – Vijayasena.: Name of an Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas (part of scriptural knowledge). भद्रबाहु श्रुतकेवली के पश्चात् हुए 8 वें 11 अंग व 10 पूर्वधारी आचार्य “समय –वि.नि. 282 -295 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयसेन – Vijayasena.: Name of an Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas (part of scriptural knowledge). भद्रबाहु श्रुतकेवली के पश्चात् हुए 8 वें 11 अंग व 10 पूर्वधारी आचार्य “समय –वि.नि. 282 -295 “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगलावती: Name of an area of eastern Videh Kshetra (a region) and name of deity. पूर्व विदेह का एक क्षेत्र एवं आत्मांजन व क्षार का एक कूट व उसका रक्षक देव “
देवपूजा Worshipping of Lord Arihant. श्रावक के षट्आवश्यक कत्र्तव्यों में प्रथम कत्र्तव्य अष्ट द्रव्यों से अरहंत, सिद्ध भगवन्तों की पूजा करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजय कवि – Vijaya Kavi.: Name of a poet of ‘Ajit Puran’ in Apabhransh language. अपभ्रंश में अजित पुराण के रचयिता “समय –ई.सन् 1448 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदृश एकत्व उपचार – Sadrisha Ekatva Upachaara. A type of conventional of fiqurative usage of sameness for the matters having similarities. एक प्रकार का उपचार। यह भी गौ है वह भी गौ थी। यहाॅ धर्म मे एमत्व के कारण धर्मियांे मे एकत्व का उपचार किया था।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रांतकौरव – Vikraantakaurava.: Name of a treatise written in Sanskrit on a drama i.e. ‘Sulochana’. संस्कृत में सुलोचना नाटक पर लिखा गया एक ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकलादेश –Vikalaadesha. Expounding something with steps or sequence. जब वस्तु के अस्तित्व आदि अनेक धर्मो के प्रतिपादन की शक्ति न होने से क्रम से प्रतिपादन होता है इसे विकलादेश कहते है “
त्रींद्रिय Living beings having three sense organs. जीव जिनके स्पर्शन , रसना और घ्राण इन तीन इन्द्रियधारी तिर्यंचों में जन्म हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुणचंद्र Name of an Acharya saint. ई. सन् १५५६-९६ में आचार्य यशकीर्ति के शिष्य जिन्होंने मौनव्रत कथा नामक ग्रन्थ की रचना की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]