दुःखरूप!
दुःखरूप Irksome, Troublesome, Distressing. हिंसादि पाप दुःख के कारण होने से दुखरूप कहलाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुःखरूप Irksome, Troublesome, Distressing. हिंसादि पाप दुःख के कारण होने से दुखरूप कहलाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जगत्सुन्दरी प्रयोगमाला A book written by Acharya Yashahkirti. आचार्य यशःकीर्ति (ई.श.१३) की एक रचना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तदाकार स्थापना Similar representation. निक्षेप पाषाण आदि में जिसकी स्थापना करनी हो उसकी वैसी ही मूर्ति बना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
दिव्याष्टगुण Eight virtues of salvated one. सिद्ध परमेष्ठी के 8 गुण अनंतज्ञान, अनंतदर्शन, अव्याबाधत्व, सम्यक्त्व, अवगाहनत्व, सूक्ष्मत्व, अगुरूलघुत्व , अनंतवीर्य ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकर्षिणी – Prakarsini. A type of super knowledge. विधाधरों की एक विधा “
णिक्खोदिम A process of digging downward for obtaining some matters or water etc. क्रियाः पुष्करिणी, वापी, कूप, तड़ाग, लयन और सुरंग आदि निष्खनन क्रिया से सिद्ध हुए द्रव्य। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
छाग A billy-goat, significant symbol of Lord Kunthunath. बकरा; कुंथुनाथ भगवान का चिन्ह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सवितर्क – Savitarka. Unconscious thought activities in absolute meditation. पृथक्त्वविर्तक एवं एकत्व वितर्क दोनों शुक्लध्यान वितर्क सहित है। विचार करने को वितर्क कहते है।
दानांतराय A type of obstacle related to donation. अंतराय के पाँच भेदों में से एक जिसके उदय से मनुष्य दान देने की इच्छा करता हुआ भी नहीं दे पाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जंगम-प्रतिमा Body of Digambar Jain saint which is symbolic form of Lord-Arihant. दर्शन ज्ञान करके शुद्ध है आचरण जिन्का ऐसे वीतराग निर्ग्रन्थ साधु की देह उसकी आत्मा से पर होने के कारण जिनमार्ग में जंगम प्रतिमा कही जाती है अथवा ऐसे साधुओं के लिए अपनी और अन्य जीवों की देह जंगम पेरातिमा है , समवशरण…