शिखा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिखा – Shikhaa. Peak, Summit, Crest. चोटी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषद्य – Nishadya. After being seated, Dead body of a saint. बैठकर, साधु का मृत शरीर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय संयम – Nishchaya Sanyama. Absolute restraint. सम्यग्दर्शन ज्ञान चारित्र में परिणत आत्मा में आत्मनिष्ठता होना”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतवन – Bhutavana. Name of a forest whers Shreepal announced himself to be Chakravarti (emperor). एक वन, जहाँ श्रीपाल ने ७ शिलाखण्डों को एक के ऊपर एक रखकर स्वयं चक्रवर्ती होने की सूचना दी थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शाल्मली वृक्ष – Shalmali Vriksha. The silk-cotton tree, this kind of natural trees are found in the south of Sumeru mountain in each of jambudvip, dhatkikhanddvip & Pushkarardhadvip. सेमल (रुई) का वृक्ष; अकृत्रिम जम्बूद्विप रचना के अन्दर सुमेरु पर्वत की दक्षिण दिशा में देवकुरु भोगभूमि में स्थित पृथ्वीकायिक एक अकृत्रिम वृक्ष ” हस्तिनापुर में…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय प्रभावना – Nishchaya Prabhaavanaa. Enlightening the soul by the influence of right belief-knowledge & conduct. मुनि अवस्था में सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चरित्र रूप रत्नत्रय के प्रभाव से आत्मा को प्रकाशमान करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक संगति –Laukika Sangati : Worldly relationship . लौकिक जनों का संसर्ग या सांसारिक असंयमी जनों की संगति “संयमीजनों के लिए असंयमीजनों की संगति निषिद्ध मानी गई है
उपालंभ Censure, Expression of disapproval . प्रतिषेध दुर्वचन उलाहना स्थगित करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष]] == चरित्त : == चारित्तं समभावो —पंचास्तिकाय : १०७ समभाव ही चारित्र है। असुहादो विणिवित्ती, सुहे पवित्ती य जाण चारित्तं। —द्रवसंग्रह : ४५ अशुभ से निवृत्ति और शुभ में प्रवृत्ति करना—इसे ही चारित्र समझना चाहिए। थोवम्मि सिक्खिदे जिणइ, बहुसुदं जो चरित्तसंपुण्णो। जो पुण चरित्तहीणो, िंक तस्स सुदेण बहुएण।। —मूलाचार : १०-६…