दो गुणहानि!
दो गुणहानि A kind of decreasing series. गुणहानि आयाम को दो गुना करने पर जो प्रमाण प्राप्त होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दो गुणहानि A kind of decreasing series. गुणहानि आयाम को दो गुना करने पर जो प्रमाण प्राप्त होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्रविनय Reverential conduct, Absorption in conduct with knowledge and faith. इन्द्रिय और कषायों के प्रणिधान या परिणाम का त्याग करना तथा गुप्ती समिति आदि चारित्र के अंगों का पालन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चिलातपुत्र Name of an Anuttaropapadak in the era of Lord Mahavira. भगवान् वीर के तीर्थ के एक अनुत्तरोपपादक साधु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चित्रविचित्र Variegated, A king of Kuru dynasty. रंग -बिरंगा , कुरुवंश का एक राजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यज्ञायक शरीर – Bhavyagnayaka Sarira. One who is going to be learned one in future. नो आगम द्रव्य का एक भेद; जो कर्म के स्वरूप को कहने वाले शास्त्र का जानने वाला आगे होगा वह भव्यज्ञायक शरीर कहलाता हैं “
चंचत्(चंचु) Name of the 11th Patal (layer) of ‘Saudharm’ heaven. सुधर्मा स्वर्ग का ११वें पटल का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तोत्र – Stotra. Spiritual and religion hymn.कविता के रुप मे किसी इष्ट देव का वर्णन करना। प्रषंसा स्तुति, स्तोत्र एकार्थवाची है। भिन्न-भिन्न आचार्यों ने अनेक स्तोत्र लिखे है।
चरमावाली Last or ultimate Avali (a time period). अंतिम आवली ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधि – Samaadhi. Profound ordeep meditation (esp. with the concentration upon the soul). वीतराग भाव से आत्मा का ध्यान करना समाधि है अथवा समस्त विकल्पांे का नष्ट हो जाना समाधि है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैद्यसार –Vaidyasara Name of an Ayurvedic book written by AcharyaPujyapad. आचर्य पूज्यपाद (ई. श. ५) कृत आयुर्वेद विषयक एक संस्कृत ग्रंथ “