द्वैपायन!
द्वैपायन See – Dvîpåyana. देखें – द्वीपायन। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाघस्थितिकल्प – Padyasthitikalpa. To stay at one place only for 4 months in rainy season (reg. saint). वर्षा काल में चार मास तक एक ही स्थान पर रहना अर्थात् भ्रमण का त्याग करना, यह ‘पाघ’ नाम का १०वां स्थितिकल्प है “
द्वीद्रिय जीव That which has two senses. जिन जीवों के स्पर्शन – रसना दो इन्द्रियां होती है, शंख कृमि आदि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पातक :Sin, offence, impurity caused due to the death of someone having blood relation.पाप, संबंधी के मरण के समय का अशैच या अपवित्रता। यह वंश परम्परा की पीढि़या के अनुसार 6 माह, 12 दिन, 10 दिन इत्यादि का माना जाता है। पातक के समय भगवान का अभिषेक-पूजन, शास्त्र स्वाध्याय, गुरुओ को आहारदान इत्यादि धार्मिक…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाटला:Name of the initiation tree of Lord vasupujyanath.पद्यपुराण के अनुसार वासुपूज्यनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम (इसका नाम महापुराण के अनुसार कदम्ब है)।
उदयसेन मुनि Name of a Jaina-saint. एक दिगम्बर मुनि पं. आशाधर के शिष्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छा–Muurchchha. Unconsciousness, Delusion, Attachment, Worldly, Worldly involvement. बेहोशी, मोह, जैनागमानुसार ‘मूर्च्छा’ परिग्रह या ममत्व भाव है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकंबला शिला:Name of a shila (very auspicious large stone at sameru mountain) pertaining to the lustral bath of Jaina Lord of weatern videk kshetra (region).सुमेरु पर्वत पर एक शिला, जिस पर पश्चिम विदेह के तीर्थकरो का जन्म कल्याणक संबंधी अभिषेक किया जाता हैं।
द्वितीयोपशम सम्यत्तव Second subsidential right belief. उपशम श्रेणी चढ़ने वाले साधु को क्षयोपशम सम्यग्दर्शन से पुनः जो उपशम सम्यक्त्व होता है उसे द्वितीयोपशम सम्यग्दर्शन कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्विचरमकाल The time less than one Samay than the ultimate time. अंतिम समय से एक समय पूर्व का काल द्विचरमकाल कहलाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]