उपधान!
उपधान Religious observances. आचाम्ल आहार निर्विकृति आहार आदि शास्त्र में जो क्रिया कही हो उसका नियम करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपधान Religious observances. आचाम्ल आहार निर्विकृति आहार आदि शास्त्र में जो क्रिया कही हो उसका नियम करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्ष्याभक्ष्य – Bhaksyabhaksya. Different types of edible (vegitable) and non- edible (non-vegitable) items. दाल, दूध, दही, फल आदि भक्ष्य अर्थात् खाने योग्य एंव मघ, मांस, मधु, उदुम्बर फल आदि अभक्ष्य अर्थात् ‘नहीं खाने योग्य’ पदार्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन गोचरातीत – Vachan Gocharaatita.: That which can not be expressed in words. जिसका वचन के द्वारा कथन न किया जा सके ” जैसे – अरिहंत भगवान के अनंत गुणों का वचनों के द्वारा वर्णन करना अशक्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्परिग्रह – Nishparigraha. Deprived of possession or attachement. संपूर्ण परिग्रह से रहित होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वकुश –Vakush: Jain saints with attachments . चितकबरा ;जैसा सफेद पर काले धब्बे होते हैं वैसे ही मुनिगण जिनके निर्मल आचार (चारित्र ) में शरीर आदि का मोह धब्बे की तरह होता है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संशय : == जे किर किसीवलाई फलसंसईणो किसिं बिलंबंति। अविकलकारणभावे वि सस्सभागी न ते हुंति।। एवमणुट्ठाणमिणं फलसंसयगब्भिणं पकुव्वंता। दुक्करयं पि हु तप्फला विवज्जिया ते विसीयंति।। —कहारयणकोष : ६-७ जो लोग किसान हैं, वे फल में संशय रखते हुए यदि कृषि कर्म में विलम्ब करते हैं तो वे अविकल…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वंगा –Vangaa.: Name of a river of middle Arya Khand(region). मध्य आर्यखंड की एक नदी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निशिक्त्त – Nishikta. Spread, Sprinkled, Percveded. व्याप्त किया हुआ, छिड़का हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिखरनी – Shikharanee. A sweet dish (Shrikhand) prepared with curd and sugar etc. विशेष विधिपूर्वक दही में शक्कर, केशर, इलाइची आदि डालने से बना श्रीखंड “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चल – Nishchala. Name of the 61st planet. 88 ग्रहों में 61वें ग्रह का नाम “