आस्रवानुप्रेक्षा!
आस्रवानुप्रेक्षा Contemplation of soul (as it is free from influx of all Karmas). निरन्तर आत्मा को द्रव्यरूप और भावरूप दोनों प्रकार के आस्रवों से रहित चिन्तवन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आस्रवानुप्रेक्षा Contemplation of soul (as it is free from influx of all Karmas). निरन्तर आत्मा को द्रव्यरूप और भावरूप दोनों प्रकार के आस्रवों से रहित चिन्तवन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्जल व्रत – Nirjala Varta. A vow (fasting) even without taking water. उपवास; जल का भी त्याग कर उपवास रखना ” हर व्रत को करने में उत्कृष्ट विधि निर्जल व्रत (उपवास) की होती है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरूपभोग – Nirupabhoga. Devoid of worldly enjoyments. उपभोग रहित होना-तैजसऔर कार्माण शरीर की भॉति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निराकुलता – Nirakulataa. Calmness, Peace of mind, Unperturbedness. सुख अर्थात् आकुलता से रहित होना “
उदयसेन Name of the disciple of ‘Acharya Gunsen-I’. गुणसेन प्रथम के शिष्य तथा नरेन्ट्रसेन के साधर्मी (ई.1098)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुवर्ण – Suvarna. A good colour, Golden, Gold, Name of a summit and a deity of Shikri mountain. अच्छा वर्ण, सुनहरा, सोना, तौल का एक प्रमाण, 2.5 धरण = 1 सुवर्ण या 1 कंस, षिखरी पर्वत का एक कूट तथा देव, अपरनाम कांचन ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरपेक्ष –Nirapeksha. Without expectation, independent. स्वतंत्र; किसी दूसरे की अपेक्षा न रखने वाला, जैसे- केवलज्ञान “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष स्वभाव – Vishesha Svabhava. A particular nature of matters (like conscious-ness & unconsciousness etc.). स्वभाव के दो भेदों में एक भेद; चेतन, अचेतन, मर्त, अमर्त आदि १० स्वभाव द्रव्यों के विशेष स्वभाव हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकव्यवहार – Lokavyavahaara. : Worldly dealings. सामाजिक शिष्टाचारयुक्त व्यवहार “