धृतराज!
धृतराज A king of Kuru dynasty.राजा धृत के पश्चात् हुआ एक कुरूवंशी राजा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धृतराज A king of Kuru dynasty.राजा धृत के पश्चात् हुआ एक कुरूवंशी राजा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चित्रकर्म Paintings or Statues of deities, human or hellish beings in dancing mood. पट , भक्ति , काष्ठ आदि का तख्ता आदि पर नाचने आदि क्रिया में प्रवृत्त देव , नारकी , तिर्यंच एवं मनुष्यों की प्रतिमाओं को चित्रकर्म कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धीमान् Wise, Intelligent, A king of Yadu dynasty. बुद्धिमान (विद्वान्), यदु (यादव) वशं का एक राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चिन्तवन Rethinking on a particular subject. किसी विषय पर बार-बार चिंतन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धान्य Corn, grain such as rice, wheat etc. (cereals). बाह्य परिग्रह का एक भेद, जौ, गेहूं, चना आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ परिणाम – Shubha Parinaama. Auspicious & meritorious result (of beings). दान पूजा आदि षट आवश्यक रूप जीवों के शुभ परिणाम, इसे ही भावपुण्यकहते हैं “
धर्मास्तिकाय One of the 5 entities (matters), spatially extended. 5 अस्तिकाय द्रव्यों में एक द्रव्य; जो बहुप्रदेशी और अजीव है। यह जीव पुद्गल की गति में सहकारी होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभकरण चिन्ह – Shubhakarana Chinha. Virtuous symbols (marks)on the body. सम्यक्त्व या अवधिज्ञानी के नाभि के ऊपर शंख आदि शुभ आकार वाले चिन्ह “
धर्मसागर A disciple of Acharya Veersagar. आचार्य श्री वीरसागर महाराज के शिष्य, चारित्रचक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज की पट्ट परम्परा के तृतीय पट्टाधीश आचार्य (ई. सन् 1969-1987 तक)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चन्दनपष्ठी व्रत A particular vow to be followed for 6 years. ६ वर्ष तक प्रतिवर्ष भाद्रपद कृष्णा छठ तिथि को उपवास करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]