देवकूट!
देवकूट Name of a summit of Chandragiri Vakshar in western Videh. अपर विदेह स्थित चन्द्रगिरि वक्षार का एक कूट।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवकूट Name of a summit of Chandragiri Vakshar in western Videh. अपर विदेह स्थित चन्द्रगिरि वक्षार का एक कूट।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रमादित्य – Vikramaaditya.: Name of a king of Ujjan who is supposed as founder of Vikram era. मालवा के राजा ,इनके नाम पर इनकी मृत्यु के पश्चात् विक्रम संवत प्रचलित हुआ था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकलन –Vikalana.: Distribution,Dividing . बांटना,बिखेरना ,विभाजन करना “
दूर घ्राणत्व ऋद्धि A supernatural power of super-distantial attainment of smelling . जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु को घ्राण – इन्द्रिय के उत्कृष्ट विषय क्षेत्र से भी संख्यात योजन दूर स्थित गंध जानने की सामथ्र्य प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घोटमानयोगस्थान Unstable dispositions. परनाम योगस्थान ; जो आत्मा के प्रदेश एक से न रहें , घटते -बढ़ते रहें ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दुषमा सुषमा काल Period of about one Korakori Sagar (a long period of crores of years) is called Dushama Sushama Kala i.e. period with misery and pleasure. अवसर्पिणी काल का चैथा और उत्सर्पिणी काल का तीसरा भेद। यह 42 हजार वर्ष कम एक कोडाकोडी सागर का होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुणभद्र भट्टारक The writer of religious treatise (Dhanyakumar charit etc). पूजा कल्प,धन्यकुमार चरित आदि के कर्ता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजवंश:Name of a dynasty. वृषभदेव भगवान के समय का एक वंश; इस देश के राजा न्यायपूर्वक प्रजा का पालन करने से भोज कहलाते थे “