गोलाचार्य!
गोलाचार्य Name of an Acharya. नंदिसंघ देशीयगण के एक आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोलाचार्य Name of an Acharya. नंदिसंघ देशीयगण के एक आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदिर: Temple, Name of a city in the north of Vijayardh mountain, Name of a chief disciple of Lord Vasupujya, Name of a summit situated at Ruchak mountain. जिनालय, विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, वासु पूज्य भगवान के मुख्य गणधर का नाम, रुचक पर्वत पर स्थित एक कूट का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वितत – Vitata.: Expanded or extented tone (of musical instrument etc.). एक प्रकार का प्रायोगिक शब्द,सितार आदि के शब्द को वितत कहते हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्र: Mystic verses or texts. जो गुप्त रूप से बोले जाते हैं उन्हें मंत्र कहते हैं ” ‘मत्री’ धातु से गुप्त भाषण के अर्थ में मंत्र शब्द बना हैं जो एक अक्षर से लेकर अनेकों अक्षरों तक होते हैं, जैसे – ‘ॐ’ , अर्हं , असिआउसा आदि “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्त जीवराशि –Mukta Jeevrashi. An infinite number of salvated beings. अनंतानंत, द्रव्य गणना कीअपेक्षा जिसकी सहनानी ‘3’ है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयमित्र – Vijayamitra.: Name of the 32nd chief disciple of Lord Rishabhdev. तीर्थंकर ऋषभदेव के 32वें गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदभाव स्थापना – Sadbhaava Sthaapanaa. Installing right imagination of something in an artificial form. तदाकार स्थापना, जिसका जैसा आकार अथवा रुप हो वैसा ही उसकी मूर्ति मे संकल्प अथवा संकल्पना करना।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैरात्रिक –Vairatrika A particular time period after midnight. पिछली रात्रि, अपररात्रि, आधी रात के बाद दो घड़ी बीत जाने पर वहाँ से लेकर दो घड़ी रात रहे तब तक के काल को वैरात्रिक कहते हैं ” साधू जन कृतिकर्मपूर्वक वैरात्रिक स्वाध्याय करते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजय – Vijaya.: Victory,Name of the governing demigod of Lord Suparshvanath,Name of the first Balbhadra,Name of an Anuttar heavenly abode. जीत,भगवान चन्द्रप्रभु का शासन देव ,प्रथम बलभद्र ,एक अनुत्तर विमान “