उभयबंध!
उभयबंध Bilateral bondage (of body with soul and karmas). जीव और कर्म का परस्पर में एक दूसरे की अपेक्षा से होने वाला बंध।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उभयबंध Bilateral bondage (of body with soul and karmas). जीव और कर्म का परस्पर में एक दूसरे की अपेक्षा से होने वाला बंध।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनय मिथ्यात्व – Vinaya Mithyatva. Wrong belief-paying reverence to all deities of all religions. मिथ्यात्व के ५ भेदों में एक भेद; मन वचन काय से सभी देवों को नमन करना, सभी पदार्थों को मोक्ष का उपाय मानना ” अर्थात् सर्व धर्मों व सर्व देवों को समान जानकर मानना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसु – Vasu.: A type of heavenly deities (Laukantik),Name of a king who went to hell because of telling lie.Eight in number. लौकंतिक देवों का एक भेद , एक राजा का नाम जो झूठ बोलने के कारण नरक में गया ,आठ की संख्या”
द्वितीय मूल Cube of the 1st cube (related to maths). प्रथम मूल के मूल को द्वितीय मूल कहते हैं ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वल्कल – Valkala.: Bark, skin of trees, A kind of believers in ignorantism. वृक्षों की छाल ,अज्ञानवादी के 67 भेदों में एक भेद “
द्वार Doors (of different types). दरवाजा , फाटक, प्रवेशद्वार, तोरण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्द्धमानचरित्र – Varddhamaana Charitra.: Name of a treatise related to the biography of Lord Mahaveera. तीर्थंकर महावीर के जीवन चरित से सम्बंधित एक संस्कृत ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचगुरु भक्ति – Panchaguru Bhakti. A type of devotional prayer. 10 भक्तियों में पूज्यपाद कृत एक भक्ति “
दातार दोष Fault of donator, jealousy, angerness, proud etc. ईष्र्या , कपट, खिन्न भाव, क्रोध, अभिमान आदि दातार के दोष हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोक्षशास्त्र–Mokshshastr. Name of a treatise written by Acharya Umasvami. आचार्य उमास्वामी (ई.स. 179–243) कृत एक ग्रंथ का नाम” यह जैनधर्म का सारभूत ग्रंथ है और इस पर अनेक आचार्यो द्वारा अनेक टीकाएं लिखी गई”