आराधित!
आराधित Adored, worshipped. आराधना किया हुआ- अर्थात् संसिद्ध, राध, सिद्ध अथवा साधित।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आराधित Adored, worshipped. आराधना किया हुआ- अर्थात् संसिद्ध, राध, सिद्ध अथवा साधित।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोहागल –Lohaagal The 11th city of the southern Vijayardha mountain . विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का 11वां नगर “
तुषमाषभिन्नत् Distinction between body and soul. छिलके और उड़द की तरह शरीर और आत्मा भी भिन्न है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्व्याकुल चित्त – Nirvyaakula Chitta. Mind free from all agitations. सुख; शांत मन अर्थात् व्याकुलताओं से रहित मन “
तीन Three (three jewels of Jain philosophy etc.). एक संख्या , तीन लोक , तीन चैबीसी , रत्नत्रय (तीन रत्न), तीन अज्ञान इत्यादि । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वेगिनी कथा – Nirveginee kathaa. Story which produces feelings of asceticism or datachment. 4 धर्मकथाओं में एक कथा–संसार, शरीर और भोगों में वैराग्य को उत्पन्न करने वाली कथा ” अपरनाम-निर्वेजनी कथा “
तिर्यक् चतुष्टकय A quartet related to subhuman beings (Tiryanch). तिर्यच गति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यचआयु, उद्योत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आविद्ध Whirling, Turning round with velocity. गति दिया हुआ या छिदा हुआ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बेलंधर – Belamdhara. Name of a ruling deity of Kaustubha- bhas mountains situated in Lavan ocean. लवण समुद्र स्थित कौस्तुभ व कौस्तुभाभास पर्वत के स्वामी देव “
तिर्यच जीव Animal and plants, beings other than human, celestial & infernal beings. मनुष्य, देव और नारकी जीवों को छोडकर शेष एकेन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय जीव तिर्यंच जीव कहलाते हैं । मन वचन काय की कुटिलता को प्रापत , निकृष्ट अज्ञानी और जिनके अत्यधिक पाप की बहुल्ता पायी जाये , उसको तिर्यंच कहते हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष…