परमऋषि!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमऋषि : Lord Arihant, the supreme authority.केवलज्ञानी अहंत भगवान परमऋषि कहलाते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमऋषि : Lord Arihant, the supreme authority.केवलज्ञानी अहंत भगवान परमऋषि कहलाते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिंसादान – Himmsaadaana. Supply of violent materials. अनर्थदण्ड का एक भेद। ंिहंसा के कारणभूत अस्त्र-शस्त्र, अग्नि आदि उपकरणो को देना। ंिहंसादांन नामक अनर्थदण्ड है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्त प्रतिज्ञा – Bhakta Pratijna. Gradual food renunciation (as a vow). समाधिमरण; अनुक्रम के अनुसार भोजन आदि त्याग की प्रतिज्ञा करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हस्तकर्म – Hastakarma. Works to be performed by hand. छेदन, भेदन, पीसना, बांधना, खोदना, फाड़ना, धोना, रंगना आदि हाथ से किये जाने वाले कार्य संक्लिष्ट हस्तकर्म कहलाते है।
आधोवधिक A variety of clairvoyance (Avadhigyan). अवधिज्ञान का एक प्रकार।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दिक्कुमार देव A type of deities having residence (Bhavanvasi). भवनवासी देवों के 10 भेदों में एक भेद। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिवंश पुराण – Harivammsa Puraana. Name of a great mythological treatise written by Acharya Jinsen. आचार्य जिनसेन (ई. 783) कृत 66 सर्ग तथा 10,000 श्लोक प्रमाण ग्रंथ।
तत्वज्ञान The knowledge of truth or reality of any matter. तत्वों को जानकर आत्मा का विशेष बोध या मनन करना । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिचन्द्र – Haricandra. Name of the 4th predestined Balbhadra. आगामी चैथे बलभद्र।
चतुरिन्द्रिय जाति नामकर्मप्रकृति A type of Karmic nature causing four sensed beings. नामकर्म की एक प्रकृति ; जिसके उदय से जीव ४ इन्द्रिय कहा जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]