नैपीरियन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैपीरियन – NaiNaipeeriyana. Name of ‘ Logarithm to the base 2’. अर्द्धच्छेद या लाघुरिक्थ गणित; 2 के आधार वाले लघुरिक्थ का नाम नैपीरिय लॉग है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैपीरियन – NaiNaipeeriyana. Name of ‘ Logarithm to the base 2’. अर्द्धच्छेद या लाघुरिक्थ गणित; 2 के आधार वाले लघुरिक्थ का नाम नैपीरिय लॉग है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रतुंडा – Vajratunda A super power possessed by Bharat Chakravarti (an emperor) & by Lord Arahnath. चक्रवर्ती भरत की एक शक्ति ,यह शक्ति तीर्थंकर अरहनाथ के पास भी थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिचन्द्र – Nemichandra. A writer of ‘Devisandhan Kaya’ and many other books. द्विसंधान काव्य टीका, द्विसंधान काव्य, उत्सव पद्धति, त्रैवर्णिकाचार आदि के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीत – Sheeta. Cold, The 2nd patal (layar) of the 3rd hell. जाड़ा, सर्दी, तीसरे नरक का दूसरा पटल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नूपुर – Noopura. Anklet; an ornament of woman. स्त्रियों के पैरों का आभूषण “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष]] == चरित्त : == चारित्तं समभावो —पंचास्तिकाय : १०७ समभाव ही चारित्र है। असुहादो विणिवित्ती, सुहे पवित्ती य जाण चारित्तं। —द्रवसंग्रह : ४५ अशुभ से निवृत्ति और शुभ में प्रवृत्ति करना—इसे ही चारित्र समझना चाहिए। थोवम्मि सिक्खिदे जिणइ, बहुसुदं जो चरित्तसंपुण्णो। जो पुण चरित्तहीणो, िंक तस्स सुदेण बहुएण।। —मूलाचार : १०-६…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यश:कीर्ति–Yashahkirti. Name of many Acharyas & Bhattarakas. नंदिसंघ, काष्ठासंघ में इस नाम के कई आचार्य एवं भट्टारक हुए है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीतिसार – Neetisaara. A book written by Aacharya Indranandi. आचार्य ईन्द्रनंदी (ई. श. 10) की नीति विषयक रचना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवगुप्त – Shivagupta. Name of the initiator (an acharya) of Chakravarti (emperor) Sanatkumar, Name of the disciple of Gupti-riddhi saint of Punnat group. चक्रवर्ती सनत्कुमार के दीक्षागुरु ” पुन्नाट संघी गुप्तिऋद्धि के शिष्य तथा अर्हदवलि के गुरु, समय- ई.स. 33 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निस्तारण मंत्र – Nistaarana Mantra. A pain relieving Mantra (mystic words). कष्ट निवारण मंत्र, गर्भान्वय क्रियाओं में इन मंत्रों से होम होता है “