आचाम्ल(आहार)!
आचाम्ल(आहार) Light food viz.rice & rice water (scum) etc. काँजी सहित केवल भात के आहार को जिसे क्षपक अधिकतर लगातार उपवास में ही लेता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आचाम्ल(आहार) Light food viz.rice & rice water (scum) etc. काँजी सहित केवल भात के आहार को जिसे क्षपक अधिकतर लगातार उपवास में ही लेता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इषुगति Straight motion, Bow – like motion . सरल अर्थात् धनुष से छूटे हुए बाण के समान मोड़ रहित गति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्यक्त दोष A fault of food taking. मुनियों के आहार का एक दोष झूठा भोजन छोडना या खाते पीते समय भोजन को नीचे गिराना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूति – Bhuti. Name of the 24th chief disciple of Lord Rishabhadev. भगवान वृषभदेव के ८४ गणधरों में २४ वें गणधर का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रद्धानांश – Shraddhaanaansha. An element of right knowledge or belief. मिश्र गुणस्थान में जो श्रद्धा का अंश है वह सम्यत्तवका अवयव है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शोका – Shokaa. Name of the main city of Kumud Kshetra (region) of Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र का कुमुदा क्षेत्र की मुख्य नगरी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशम- क्रोधादि कशाय की मंदता; यह सम्यग्दृशिट का एक बाहरी चिन्ह (गुण) है। Prasama- Spiritual calmness
चन्द्रसागर(मुनि) Name of a Digambar Jain saint, the disciple of Charitra Chakravarti Acharya Shri Shantisagar ji Maharaj. चारित्रचक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज के प्रमुख ७ मुनि शिष्यों में से एक. ये राजस्थान , इंदौर तथा मध्यप्रदेश में सिंहवृत्ति का पालन करने वाले एक कट्टर अगम परम्परा पोषक आचार्यकलाप क एरूप मने प्रसोद्ध हुए ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचनीय- प्रबन्ध पूर्वक जो वचनीय अर्थात व्याख्येय या प्रतिपादनीय होता है। Pravacaniya- Scriptural knowledge which can be preached
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकरण – Prakarana. Topic, Section, Part. विषय, प्रसंग, किसी कृति का छोटा भाग “