भावश्रुत!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावश्रुत – Bhavasruta. Acquisition of scriptural knowledge by listening of Dvadshang. द्वादशांग (जिनवाणी) के सुनने से जो स्वसंवेदन रूप ज्ञान होता है वह भावश्रुत है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावश्रुत – Bhavasruta. Acquisition of scriptural knowledge by listening of Dvadshang. द्वादशांग (जिनवाणी) के सुनने से जो स्वसंवेदन रूप ज्ञान होता है वह भावश्रुत है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शांतिसागर परम्परा – Shantisaagar Paramparaa. The tradition of first Digambar Jain Acharya Charitra Chakravarti Shri Shantisaagarji Maharaj of 20th century, the renovator of Jaina asceticism of new age. बीसवीं सदी के प्रथम दिगम्बर जैनाचार्य चरित्र चक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज ने चूँकि इस युग में मुनिपरम्परा को पुनः जीवंत कर चतुर्विध संघ परम्परा को…
तिर्यग्त्रिक A triplet related to Tiryanch beings. तिर्यचगति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यंच आयु। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय आलोचना – Nishchaya – Aalochanaa. Absolute introspection. जीव द्वारा परिणामों को समभाव में स्थापित कर निज आत्मा में तन्मय होना निश्चय आलोचना है”यह मुनि अवस्था में घटित होती है “
तिर्यग्व्तिक्रम Exceeding the limits set in the direction, namely horizontally. दिग्व्रत का एक अतिचार, समान धरातल में की गई सीमा का उल्लंधन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेतरणी –Vetarani. Name of a river of hell. नरक लोक की नदी ” जो खून , पीप से भरी हुई है और उसमे प्रवेश करने वाले को दाह उत्पन्न कराती है “
ताल Pond (tank), The palm tree, Name of a musical instrument (a kind of cymbal). तालाब , ताड का वृक्ष , एक धनवपाद्य (मंजीरा)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शर्कराप्रभा – Sharkaraaprabhaa. The 2nd land od hell. नरक की दूसरी पृथिवी, अपरनाम वंशा है ” इसकी प्रभा शर्करा के सामान है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्व्याघात – Nirvyaaghaata. Lack of forceful impact or splitting. स्तिथिकाण्डकघात का अभाव निर्व्याघात कहलाता है “