यथाजातरूपधर!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाजातरूपधर–Yathajaatrupadhar. One having natural form without any worldly attachment. व्यवहार से नगन्पने एवं निश्चय से जो आत्मा का स्वरुप है उसे जोधारणकरता है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाजातरूपधर–Yathajaatrupadhar. One having natural form without any worldly attachment. व्यवहार से नगन्पने एवं निश्चय से जो आत्मा का स्वरुप है उसे जोधारणकरता है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयसंरक्षणानंद – Vishayasamraksananamda. Intense passionate attachment. एक प्रकार का रौदृ ध्यान, परिग्रह व इन्द्रिय भोग के पदार्थों की रक्षा में मोह करते रहना चौथा रौदृध्यान हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेत्वाभास – Hetvaabhaasa. Fallacy, a false cause. जो हेतु संदेष हंे हव हेत्वाभास हंे इपके अमसंद्व, वरिुद्व, अनैकांतिक, अकिंचित्कर 4 भेद है।
त्रिकाल चैबीसी व्रत A type of vows to be observed for particular 72 days in reverence to 72 Tirthankars of past, present & future time. जंबूद्वीप के भरतक्षेत्र के भूतकालीन, वर्तमान कालीन एंव भविश्यकालीन ऐसे तीन चैबीसी के 72 व्रत। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुर्छित– Muurchhit. Unconcious one, Beings with delusions & passions. बेहोश, मोही, मिथ्याद्रष्टि जीव , जो देह कुतुम्बादि को अपना माने”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हृदय कमल – Hrdaya kamala. Heart, the place of meditation. ध्यान के आश्रयभूत 10 स्थानों मे एक स्थान। पदस्थ ध्यान मे उस बीजाक्षर की स्थापना हृदयकम मे की जाती है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमात्म भावना:See – Parama Advaita.देखें – परम अद्वैत ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाट्यशाला – Natyasala place of dancing related to Samavashran (assembly of lord arihant. समवशरण में जहां देवकन्याएँ नृत्य करती है ” “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव स्त्री – Bhava Stri. Psychical female one. स्त्री वेद के उदय से पुरुष की अभिलाषा रूप मैथुन संज्ञा का धारक जीव “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिमवान् (पर्वत) – Himavaan (Parvata). Name of the first Kulachal mountain among 6 of jambudvip (island). जम्बूद्वीप के 7 कुलाचलों मे प्रथम कुलाचल, इसकी ऊॅचाई 100 योजन हैं।