चारूदत्त चारित्र!
चारूदत्त चारित्र A book written by Acharya Somkirti. आचार्य सोमकीर्ति भट्टारक (ई. १४७४) कृत का एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारूदत्त चारित्र A book written by Acharya Somkirti. आचार्य सोमकीर्ति भट्टारक (ई. १४७४) कृत का एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाथ वंश – Natha Vansa Name of the dynasty of mahavira भगवन महावीर का वंश ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागीरथी – Bhagirathi. The name of a great river of Bharat Kshetra (a region). भरतक्षेत्र की गंगा नदी “
चेतना Consciousness, Vigour, Vitality. जिस शक्ति के सानिध्य से आत्मा ज्ञाता- दृष्टा अथवा कर्ता – भोक्ता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाशवृत्ति – Prakasavrtti. Tendency towards enlightenment of knowledge. ज्ञान प्राप्ति के लिए जो आत्मा की प्रवृति होती है, उसे प्रकाश वृत्ति कहते हैं “
चिदम्बर An addressing word for one at the supreme spiritual state. चैतन्य ही है अम्बर अर्थात् वस्त्र जिनका , ऐसी अर्हन्त – सिद्ध आत्मा को चिदम्बर शब्द से संबोधित किया है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य धर्मध्यान – Bahya Dharmadhyana. Religious observances. धर्मध्यान का एक लक्षण; आत्मा को शील , व्रत , उपवास आदि बाह्य क्रियाओं से युक्त करना “
घ्राण Nose-a smelling sense. नासिका ; ५ इन्द्रियों में तीसरी इन्द्रिय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्यानगृद्वि – Styanagraddhi. To commit abnormal activity in the state of somnambulism (walking habit in the sleeping state).5 निद्रांओ मे एक निन्द्रा, स्वप्न मे उठकर व्यक्ति कोई भयानक असाधारण कार्य करके पुनः सो जाये।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजदर्शनार्य – Bijadarsanaya. A type of noble persons (Aryas). अनुद्धि प्राप्तार्य में दर्शनार्य का एक भेद “