तत्वार्थ सूत्र टीका!
तत्वार्थ सूत्र टीका Name of a commentary book. कन्नडऋ कवि योगदेव (ई. 1550) कृत एक टीका । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वार्थ सूत्र टीका Name of a commentary book. कन्नडऋ कवि योगदेव (ई. 1550) कृत एक टीका । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
ईहा Keen desire, Curiosity, Speculation. अवग्रह के द्वारा जाने गये पदार्थ के विषय में विशेष जानने की इच्छा या जिज्ञासा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगदीश भट्टाचार्य Name of a promoter of Vaisheshik philosophy. वैशेषिक दर्शन के के साहित्य प्रवर्तक जिन्होंने भाष्य- सूक्ति नामक एक रचना की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
टोडरमल A very learned and extraordinary Pandit who wrote commentary on a number of Jain script-ures.जयपुर के एक पंडित (ई.श.1740 -1767) जिन्होंने गोमट्टसार लब्धिसार, क्षपणासार, त्रिलोकसार इत्यादि कई ग्रंथें की हिन्दी टीका की। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरोहक One who climbs. चढ़ने वाले।उपशम श्रेणी पर चढ़ने वाले एंव वे देव जो वृषभ आदि बने हुए आभियोग्य जाति के देवों पर सवारी करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चूलगिरि (तीर्थ) Name of a Jaina place of pilgrimage in Barwani (M.P.), the salvation place of a lot of Munis (saints) including Indrajeet, Kumbhkarna etc. It’s another name is Bavangaja. मध्यप्रदेश में बड़वानी नगर में स्थित एक सिद्ध क्षेत्र जहां से इंद्राजीत , कुम्भकर्ण आदि अनेक मुएँ मोक्ष गए हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सविचार – Savichaara. Condition related to absolute meditation where unconsciously different attributes of medititation replace on another. पृथक्त्व वितर्क शुक्लध्यान । अर्थ, व्यंजन और योगों का संक्रम (परिवर्तन) वीचार है। जो ऐसे संक्रम से युक्त हो उसे सूत्र में सविचार कहा है।
आठ शुद्धी Eight particular kinds of purity related to mind, speech, body, food etc. मन, वचन की शुद्धि, आहार की शुद्धि, ईर्यापथ शुद्धि, व्युत्सर्ग शुद्धि, शयनासन शुद्धि, और विनयशुद्धि ये 8 शुद्धियाँ हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जम्बूद्वीपसमास Name of a book written by Acharya Umaswami. आचार्य उमास वामी (ई.श. १-२) कृत संस्कृत गद्य में रचित ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वावधि – Sarvaavadhi. Complete clairvoyance. अवधिज्ञान के तीन भेदों में एक भेद, पूर्ण अवधिज्ञान ।