देहमान!
देहमान Investigation related to the body of beings. जीवों की शारीरिक अवगाहना का प्रमाण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देहमान Investigation related to the body of beings. जीवों की शारीरिक अवगाहना का प्रमाण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणसंपत्ति यंत्र – Nirvaanasampatti Yantra. A metallic plate engraved with auspicious mystic words. मंत्र लिखित धातु की एक प्लेट “
आरंभ Beginning, Tendency to cause pain to others. कार्य करने लगना, पापास्रव के 108 कारणों में से एक भेद प्राणियों को दुःख पहुँचाने वाली प्रवृत्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यक्त –Vyakta. Expressed, Exposed, Revealed, Manifested. प्रगट “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बिंबसार – Bimbasara Another name of Magadharaj Shrenik, who will be the first Tirthankar (Jaina-Lord) of future time. मगधराज श्रेणिक का अपर नाम ” समय ई.पू.६०४-५५२ ” ये भगवान महावीर के समवसरण में प्रमुख श्रोता थे ,जिनके द्वारा ६०,००० प्रशन पूछे गये ” ये भविष्यकाल के प्रथम तीर्थकर ‘महापध्ह्य’ होंगे “
आशातना Destroying of disrespectful conduct. कुचारित्र का क्षपण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्माल्य द्रव्य – Nirmaalya Dravya. The worshipping articales made offered to the Lord. जो अष्टद्रव्य सामग्री मंत्र बोलकर जिनेन्द्रादि की पूजा में चढ़ा दी जाये “
आयुक्तकरण Inclinalion towards destruction of hermaphrodite libido (Neutralizalion). नपुंसक वेद की क्षपणा या उपशामना के लिए उद्यत होकर प्रवृत होना- उद्यतकरण है, आरम्भकरण व आयुक्तकरण एकार्थक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आहारपर्याप्ति Food offering with devotion to saints. एक शरीर को छोड़कर दूसरे नवीन शरीर के बिना कारणभूत जिन नोकर्म वर्गणाओं को जीव ग्रहण करता है उनको खलरसभाग परिणमाने की प्र्याप्त नामकर्म के उदय से रहित जीव की शक्ति का पूर्ण हो जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]