प्रस्थ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रस्थ- तोल का एक प्रमाण विषेश; जिससे धान्य आदि मापे जाते है। Prastha- A measure for weighing
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रस्थ- तोल का एक प्रमाण विषेश; जिससे धान्य आदि मापे जाते है। Prastha- A measure for weighing
गंध Smell, Odour, Scent, Fragrance. जो सूंघा जाता है अर्थात् सुगंध या दुर्गन्ध । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुश्रुत भक्ति- 16 कारण भावना में एक भावना; उपाध्याय परमेष्ठी की भक्ति करना। Bahusruta Bhakti- Devotion for the scripture-proficients
[[श्रेणी:शब्दकोष]] फलिसंक्रमण- संक्रमण का एक भेद। Phalisankarmana- A type of transition
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमल सत्यवाक्य – ई 816 – 830 के एक राजा का नाम।इनके राज्यकाल में ही आचार्य विद्यानंदी नं 1 के द्वारा आप्त परीक्षा प्रमाणपरीक्षा युक्त्यानुषासन गंरथ लिखे गए। Rajamalla Satyavakaya-Name of a king
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्लिष्ट हस्तकर्म – Sanklishta Hastakarma. Hard manual work. छेदन-भेदन करना, पीसना, गूंथना, चित्र बनाना, खोदना आदि कार्य को संक्लिष्ट हस्तकर्म कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषध – अश्टमी, चतुर्दषी आदि पर्व के दिन उपवास अथवा एक बार भेजन करना। Prosadha- Fasting or one time eating
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकोच विस्तार – Sankoca Vistaara. The state of contraction & expansion of soul points of beings. जीव के प्रदेशों का संहार व विसर्पण ” दीप के प्रकाश के समान जीव के प्रदेशों का संकोच-विस्तार होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमती विप्रलंभ – पं आषाधर द्वारा रचित एक संस्कृत गं्रथ।विशय – नेमिराजुल संवाद। Rajamati vipralambha-A book written by pandit Ashadharji
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रेक्षण मण्डप- अकृत्रिम चैत्यालयों में मुख मंडप के आगे का मंडप। Preksana Mandapa- Front portion of natural temples