भाववती शक्ति!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाववती शक्ति – Bhavavati Sakti. Volitional strength of something. द्रव्य की एक शक्ति; प्रदेशत्व गुणों के अतिरिक्त शेष गुणों के परिणाम की भाव रूप शक्ति “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाववती शक्ति – Bhavavati Sakti. Volitional strength of something. द्रव्य की एक शक्ति; प्रदेशत्व गुणों के अतिरिक्त शेष गुणों के परिणाम की भाव रूप शक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनातित – Vachanaatit: See – Vachanagocharaatita . देखें – वचनगोचरातित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृपनंदि – Nripanandi. Name of an Aacharya contemporary to king bhoj. राजा भोज के समकालीन एक आचार्य ” समय-ई. 1021-1055 “
द्रव्य लिंग Physical sign or appearance (related to a saint). बाहरी भेष, साधु का बाहरी चिन्ह, परिग्रह रहित व पिच्छी कमण्डलु सहित होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव अंतर – Bhava Anamta. To have knowledge of scriptures and involve- ment in it. अनन्त विषयक शास्त्र को जानना एंव वर्तमान में उसके उपयोग से उपयुक्त होना अथवा त्रिकाल जात अनंत पर्यायों से परिणत होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलांजना – Neelaanjanaa. A dancing-girl at the court of Indra who caused worldly aversion to Rishabhdev. इन्द्र की अप्सरा; तीर्थंकर ऋषभदेव को वैराग्य उत्पन्न करने के लिए स्वर्ग से इन्द्रउ से लाया था “
द्रव्य पाप Sinful nature of Karmas (substantive sin). कर्म की पाप रूप 100 प्रकृतियां ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीचदेव – Neechadeva. A type of low deities. किल्विष आदि निम्न जाति के देव “
द्रव्य ध्येय To concentrate mind on the virtuous matters. अध्यात्म वेत्ताओं के अनुसार 4 प्रकार के ध्येय पदार्थों में एक सत् या गुणपर्यायवान् पदार्थ में एकाग्र होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिल्पकर्मार्य – Shipakarmaarya. A type of Aryas having professional job according to caste. सावद्य कर्मार्य के 6 भेदों में एक भेद; धोबी, नाई, लुहार, कुम्हार, सुनार आदि शिल्प कर्मार्य हैं “