दमितारि!
दमितारि A Pratinarayan who was the son of king Kirtidhar Kevali. एक प्रतिनारायण, यह राजा कीर्तिधर केवली का पुत्र था। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दमितारि A Pratinarayan who was the son of king Kirtidhar Kevali. एक प्रतिनारायण, यह राजा कीर्तिधर केवली का पुत्र था। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चक्र A wheel, ring, a group, a circular shape, First Patal (layer) of Sanatkumar heaven, Prime jewel of Chakravarti (emperor), See – Dharmacakra. सनत्कुमार स्वर्ग का प्रथम पटल, चक्त्रवारती का एक प्रधान रत्न, देखें- धर्मचक्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याख्यान- pratyakhyana Resolution or determination (for not committing fault) आगामी काल दोश न करने की प्रतिज्ञा करना।
फेनमालिनी A Vibhanga river situated in western Videh (region). अपर विदेह स्थित एक विभंगा नदी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सज्जन-दुर्जन : == सुजणो वि होइ लहुओ, दुज्जणसंमेलणाए दोसेण। माला वि मोल्लगरुया, होदि लहू मउयसंसिट्ठा।। —भगवती आराधना : ३४५ दुर्जन की संगति करने से सज्जन का महत्व गिर जाता है, जैसे कि मूल्यवान माला मुर्दे पर डाल देने से निकम्मी—तुच्छ, त्याज्य हो जाती है। सरिसे वि मणुयजन्मे डहइ…
त्रियोग Vibration in the spaces of soul (due to activities of mind, speech and body). मन, वचन, काय के हलन चलन से आत्मा के प्रदेशों का सकम्प होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्राह्मी – Brahmi. Name of the daughter of Lord Rishabhadeva. इस युग की प्रथम आर्यिका साध्वी; भगवान ऋषभदेव की पुत्री, सर्वप्रथम पिता से लिपि विधा सीखी एंव प्रयाग नगरी में उन्हीं से दीक्षित होकर समवसरण की प्रथम गणिनी बनी “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्थान संक्रमंण – Svasthaana Sammkramana. A type of karmic transition. संक्रमण के दो भेदो मे एक भेद। स्वस्थान मे अर्थात् अपने ही अन्य संग्रहकृष्टियो मे संक्रमण करना अर्थात् तद्रूप परिणमन करनां।
जयंतभट्ट Name of the writer of ‘Nyaya Manjari’. ई. ८४० के ‘न्याय मंजरी’ ग्रन्थ के कर्ता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]