प्रयोजन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोजन- ध्येय, लक्ष्य, उद्देष्य, अभिप्राय। किसी अर्थ को पाने या छोड़ने योग्य निष्चित करके उसके पाने या छोड़ने का उपाय करना। Prayojana- Purpose, object, motive, occasion
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोजन- ध्येय, लक्ष्य, उद्देष्य, अभिप्राय। किसी अर्थ को पाने या छोड़ने योग्य निष्चित करके उसके पाने या छोड़ने का उपाय करना। Prayojana- Purpose, object, motive, occasion
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेयरत्नाकर- प्र. आषाधर (ई. 1173-1243) द्वारा रचित एक ग्रंथ। Prameyaratnakara- A book written by PanditAshadharji
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमादयोग- हिंसा का लक्षण; कशाय सहित योगों की प्रवृति। Pramadayoga- Tendency of performing careless (violenceful) activities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक बुद्धि ऋद्धि- ऋद्धि; जिसके द्वारा गुरु उपदेष के बिना ही कर्मो के उपषम से सम्यग्ज्ञान और तप के विशय में प्रगति होती है। pratyeka buddhi riddhi – a type of supernatural power related to self enlightened.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाणक देव- एक प्रकार के व्यन्तरजातीय देव। इनकी उत्कृश्ट आयु 70,000 वर्श है। Pramanaka Deva- A type of peripatetic deities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमत्त- हिंसक, प्रमादी, संज्वलन कशाय के तीव्र उदय से होने वाले प्रमाद से सहित। Pramatta- One with having passional vibrations, Lustful
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभा- आभा; द्रव्यों का अपना विषेश सलोापरन या तेज, सौधर्म स्वर्ग का एक पटल। Prabha- Lustre, rediance, Splendour, A patal (layer) of Saudharma heaven
उत्सर्गमार्ग Path of renunciation, a path of conduct of Jaina saints. जैन मुनियों के चरित्र के दो भेदों में प्रथम भेद जहाँपूर्ण त्याग होकर शुद्धोपयोग रूप वीतराग संयम हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रायोगिकी क्रिया- क्रिया का एक भेद; गाड़ी आदि की पुरुश प्रयत्न से होने वाली क्रिया। PrayogikiKriya- Human efforted activity