विशेष उपयोग!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष उपयोग – Vishesha. Special consciousness. ज्ञानोपयोग या साकारोपयोग, जो सामान्य – विशेशात्म्क पदार्थो के आकार को ग्रहण करे अर्थात् ज्ञान पदार्थो को विशेष करके जानता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष उपयोग – Vishesha. Special consciousness. ज्ञानोपयोग या साकारोपयोग, जो सामान्य – विशेशात्म्क पदार्थो के आकार को ग्रहण करे अर्थात् ज्ञान पदार्थो को विशेष करके जानता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बारस अणुवेक्खा- आचार्य कुन्दकुन्द (ई. 127-179) कृत वैराग्य विषयक एक ग्रन्थ । Barasa Anuvekkha- A book written by Acharya Kund-Kund
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवर – Vivara. The opening, cracks, holes, The big holes in the bottom of Lavan ocean celled as patal (Lower world). दरार, छिद्र, अंतराल, स्थान, अवकाश, लवण, समुद्र की तली में स्थित बड़े –बड़े खड, जिन्हें पाताल भी कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचारी – Brahmacari. A celibate. ब्रह्मचर्य व्रत को परिपूर्ण रूप से पालन करने वाला “
देवद्रव्य (देवधन) Offering auspicious substances for worshipping Lord. पूजा, चैत्यालय आदि के निमित्त अर्पण किया हुआ द्रव्य । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावकाय – Bhava Kaya. Renouncement of bodily attachment. गुप्ती; कायगत ममता रूप परिणाम का त्याग करना भावकाय गुप्ती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवसेतु – Bhavasetu. Spiritual bridge to cross the worldly transmigra-tion. संसार को पार करने के लिए जो पुल के समान हैं , ऐसे जिनेन्द्र भगवान या उनकी भक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादरकृष्टि – 9 वें गुणस्थान में संज्वलन क्रोध, मान, माया, लोभ का अनुभाग घटाकर स्थूल खण्ड करना। Badarakristi- Gradual destruction of gross passion
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वाभाद्रपद – Purvabhadrapada. Name of a lunar. एक नक्षत्र का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रहरा- भरत क्षेत्र सिथत आर्यखण्ड की एक नदी। Prahara- Name of a river of Bharat khsetra Arya khand region