जघन्य आयु!
जघन्य आयु The lowest life period. मनुष्य एवं तिर्यंच में एक उच्छ्वास के १८वें भाग क्षुद्रभव की जघन्य आयु होती है जबकि देव व नारकी में दस-दस हजार वर्ष की जघन्य आयु होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य आयु The lowest life period. मनुष्य एवं तिर्यंच में एक उच्छ्वास के १८वें भाग क्षुद्रभव की जघन्य आयु होती है जबकि देव व नारकी में दस-दस हजार वर्ष की जघन्य आयु होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तदाकार Copy of the similar form (same appearance). उसी आकार का।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रोण A weighing unit, A hermitage surrounded by rivers and mountains. तौल का एक प्रमाण (16 द्रोण 1 खारी), नदी और पर्वत से वेष्टित वसती।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति स्वोदय – Prakrti Svodaya. Karmic natures which bind in ther own period of fruition. २७ कर्म प्रक्रतियां स्वोदय बंधी है अर्थात् इनका बंध अपने उदय के समय में ही होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सविश्वरूपत्व – Savishvaroopatva. Universally vast from, A name of Lord Rishavhdev called by Saudharma Indra. वस्तु में कुछ विरोधी धर्मो में एक धर्म जैसे सविष्वरूप-एकरूप इत्यादि । सौधर्मेन्द्र द्वारा स्तुत वृषभदेव का एक नाम।
द्रव्य सामायिक Physically avoiding all evils. चेतन- अचेतन द्रव्यों में इष्ट – अनिष्ट रूप विकल्प नहीं करना द्रव्य सामायिक है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जम्बूद्वीप प्रज्ञप्ति Name of a book written by Acharya Amitgati, A part of scriptural knowledge (Shrutgyan) containing description about whole Jambudvip. आचार्य अमितगति (ई. ९९३-१०४६) द्वारा रचित ग्रन्थ , परिकर्म दृष्टिवाद श्रुत का एक भेद ; इसमें ३ लाख २५ हज़ार पदों के द्वारा जम्बूद्वीप का सम्पूर्ण वर्णन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सविकल्प – Savikalpa. With option, Knowledge is called as Savikalpa. विकल्प सहित, ज्ञानोपयोग (ज्ञान) को सविकल्प कहा गया है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावास्त्रव – Bhavasrava. Flowing of Karmas. आत्मा के जिस परिणाम से पुदगल द्रव्य कर्म बनकर आत्मा में आता है उस परिणाम को भावास्त्रव कहते हैं “
जम्बूमती A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]