इत्वरिका अपरिगृहीतागमन!
इत्वरिका अपरिगृहीतागमन An infraction of vow of celibacy. ब्रह्मचर्य अणुव्रत का एक अतिचार बिना विवाही व्यभिचारिणी स्त्री से हास्यादि संबंध रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इत्वरिका अपरिगृहीतागमन An infraction of vow of celibacy. ब्रह्मचर्य अणुव्रत का एक अतिचार बिना विवाही व्यभिचारिणी स्त्री से हास्यादि संबंध रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीनिचय – Shreenichaya. Name of a summit situated in Padmahrida (large pond), Name of the 3rd Rishi (saint) among a group of particular 7 Rishies (saints). पद्महृद में स्तिथ एक कूट, सप्त ऋषियों में से तीसरे ऋषि “
देशव्रत Vow of restriction on moving beyond the set limits of area. देखें – देशावकाशिक व्रत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्याम द्वीप व सागर – Shyaama Dveepa Va Saagara. Name of an island and an ocean of middle universe. मध्यलोक का एक द्वीप व सागर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयमस्वरुप प्रतिमा – Sanyamaswaroopa Pratimaa. The passionless saints just like an idol (without wordly attachments). दर्शन ज्ञान प्राप्त करके शुद्ध हैं आचरण जिनका ऐसे वीतराग निग्रंथ साधु संयमस्वरुप प्रतिमा हैं ” इन्हें चेतन प्रतिमा भी जानना चाहिए “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == शोक : == हदमाकासं मुट्टिहिं होइ तह कंडिया तुसा होंति। सिगदाओ पीलिदाओ धुसिलिदमुदयं च होई जहा।। —भगवती आराधना : १६२५ जैसे आकाश को मुट्ठियों से मारना, तंडुलो के लिए भूसा काटना, तेल के लिए बालू को यंत्र से पीलना, घी के लिए जल का मंथन करना व्यर्थ है,…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रव्रत्ति मार्ग- भक्ति प्रधान धर्म, जहां व्यवहार धर्म की तरफ अधिक झुकाव हो अर्थात गृहस्थ धर्म। Pravrtti marga- Households tendency related to religious conduct
चन्द्रप्रभ A disciple of Jaysingh Suri. जयसिंह सूरि के शिष्य जिन्होंने प्रमेयरत्नकोष तथा दर्शनशुद्धि नामक न्यायविषयक दो ग्रन्थ लिखे . समय- ई. ११२० ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याख्यान कषाय- pratyakhyana kasaya Obscuring passion in observing abstinent vows. पूर्ण व्रत या संयम के पालन में बाधक कशाय, इसकी अवधि 15 दिन की होती है।