ग्रीवावनमन!
ग्रीवावनमन See – Grîvådhonayana. देखें- ग्रीवाधोनयन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस – रसना इन्द्रिय का विशय यह 6 प्रकार का होता है – दूध, दही, धी, तेल, गुड, षक्कर, नमक। काव्य का एक अंग ये नौ होते है। Rasa-Juice, liquid, sap, A kind of literary sentimental form of poem
गर्हण Blaming self, Censuring self. निंदा ; सम्यग्दृष्टि , व्रती का अपने दोषों के प्रति निन्दन गर्हण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गान्धार(कूट) A summit of Shikhari mountain. शिखरी पर्वत पर स्थित एक कूट ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व स्थिति – Poorvasthiti. First state of Karmas. कर्मों की पहली स्थिति; अंतःकरण के द्वारा निषेकों की पंक्ति दो भागों में विभाजित हो जाती है पूर्व स्थिति और उपरितन स्थिति “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतरक्ता – Bhutarakta. Name of a female beloved divinity of a peripa-tetic deity ‘Pratirup’. एक व्यंतर इंद्र ‘प्रतिरूप’ की देवी का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथसेना – तीसरा सैन्य कक्ष, यह सेना अपने सेनापति के अघीन रहती है। इसमें 8 हजार हाथी होते है, एवं युद्ध के समय अष्वसेना के पीछे चलती है। Rathasena-A division of army containing chariots
गंगा The first river of Jambudvip among all 14. जम्बूद्वीप की १४ महानदियों में प्रथम नदी , यह पद्म सरोवर के पूर्व द्वार से निकली है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मैथुनशाला–Maithunshala. Name of a place of some deities. ज्योतिष देवो के प्रसादो में एक प्रसाद, भवनवासी देवो के भवनों में एक गृह”