देवायु कर्म!
देवायु कर्म Celestial life-span Karma, Celestial Longevity determining Karma. आयु कर्म का एक भेद जिसके उदय से जीव निश्चित समय तक देव शरीर में रूका रहे।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवायु कर्म Celestial life-span Karma, Celestial Longevity determining Karma. आयु कर्म का एक भेद जिसके उदय से जीव निश्चित समय तक देव शरीर में रूका रहे।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव त्रिभंगी – Bhava Tribhamgi. Name of a book. औपशमिकादि भाव विषयक एक ग्रंथ “
एकांतानुवृद्धि योगस्थान A vibratory activity in complete development of body in womb. नवीन शरीर धारण के दूसरे समय से लेकर एक समय कम शरीर पर्याप्ति के अन्तर्मुहूर्त समय तक जो योगस्थान हों।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वार्ता – Vaartaa.: Conversation,dialogue,Livelihood with pure conduct observing right duties of life. बातचीत, चर्चा,विशुद्ध आचरणपूर्वक खेती आदि षट्कार्य करके आजीविका चलाना “
उपशमावली Subsidential time (the smallest). जिस आवली में कर्म का उपशम हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूधर – Bhudhar. Name of a warrior of Ram. राम का एक योध्दा, धरणेन्द्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धता – Shuddhataa. Purity, Sacredness. पवित्रता या निर्मलता; कर्मोदय का अभाव होने पर जीव में शुद्धता आती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गलावर्त – Pudgalavarta. A time unit. काल का एक प्रमाण “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमलसागर (आचार्य) – Vimalasagara (Acharya). Name of a famous Digamber Acharya of 20th century, the chief diaciple of Acharya Mahavirkiti. आचार्य श्री महावीरकीर्ति महाराज के प्रमुख शिष्य एवं एक प्रभावक आचार्य ” इनकी प्रेरणा से सम्मेदशिखर में समवसरण मंदिर, तीस चौबीस मंदिर आदि निर्माण हुए तथा अनेक तीर्थों पर नवनिर्माण के साथ…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भविष्यवाणी – Bhavisyavani. Predictions, prophesy. भविष्य में होने वाली शुभ –अशुभ आदि घटनाओं का वर्तमान में उल्लेख करना “