निष्परिग्रह!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्परिग्रह – Nishparigraha. Deprived of possession or attachement. संपूर्ण परिग्रह से रहित होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्परिग्रह – Nishparigraha. Deprived of possession or attachement. संपूर्ण परिग्रह से रहित होना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदार्थ श्रद्धान: Real & right belief in all 9 mattars सम्यग्दर्शन हिंसादि रहित धर्म, अठारह दोष रहित आप्त, निग्र्रन्थ प्रवचन व गुरू में श्रद्धान रखना । 9 पदार्थो के यथार्थ श्रद्धान से सम्यग्दर्षन होता है।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == गुणस्थान : == यैस्तु लक्ष्यन्ते, उदयादिषु सम्भवैर्भावै:। जीवास्ते गुणसंज्ञा निर्दिष्टा: सर्वर्दिशभि:।। मिथ्यात्वं सास्वादन: मिश्र:, अविरतसम्यक्त्व च देशविरतश्च। विरत: प्रमत्त: इतर: अपूर्व: अनिवृत्ति: सूक्ष्मश्च।। उपशान्त: क्षीणमोह: संयोगिकेवलिजिन: अयोगी च। चतुर्दश गुणस्थानानि च, क्रमेण सिद्ध: च ज्ञातव्या।। —समणसुत्त : ५४६-५४८ मोहनीय आदि कर्मों के उदय आदि (उपशम, क्षय, क्षयोपशम आदि)…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वकुश –Vakush: Jain saints with attachments . चितकबरा ;जैसा सफेद पर काले धब्बे होते हैं वैसे ही मुनिगण जिनके निर्मल आचार (चारित्र ) में शरीर आदि का मोह धब्बे की तरह होता है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संशय : == जे किर किसीवलाई फलसंसईणो किसिं बिलंबंति। अविकलकारणभावे वि सस्सभागी न ते हुंति।। एवमणुट्ठाणमिणं फलसंसयगब्भिणं पकुव्वंता। दुक्करयं पि हु तप्फला विवज्जिया ते विसीयंति।। —कहारयणकोष : ६-७ जो लोग किसान हैं, वे फल में संशय रखते हुए यदि कृषि कर्म में विलम्ब करते हैं तो वे अविकल…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदधन: Sum of progression. सर्वधन, अगल-अलग पदों को जोडने पर प्राप्त प्रमाण ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर ज्ञानोदय ग्रंथमाला –ViraJnanodayaGrarnthamala Name of alarge Jain Granthmala(publishing centre)established in the year 1972 on the inspiration of GaniniShriGyanmatiMataji at Jambudvip – Hastinapur (Meerut). U.P. it is managed by ‘Digambar Jain TrilokShodhSansthan’ and nuber of jain treatises have been published and are being published form here. See the list of its all…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वंगा –Vangaa.: Name of a river of middle Arya Khand(region). मध्य आर्यखंड की एक नदी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निशिक्त्त – Nishikta. Spread, Sprinkled, Percveded. व्याप्त किया हुआ, छिड़का हुआ “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पताका:Flag fixed on the summit of a temple. जन मन्दिरों में लगाई जाने वाली विजयी ध्वजा ।