रत्ननंदी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्ननंदी – नंदीसंध बलात्कार गण में वीरनंदी न 1 के षिश्य व माणिक्यनंदी न 1 के गुरू। समय ई 639 से 668 Ratnanadi-Name of the disciple of Virnandi-1 and preceptor of Manikyanandi-1
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्ननंदी – नंदीसंध बलात्कार गण में वीरनंदी न 1 के षिश्य व माणिक्यनंदी न 1 के गुरू। समय ई 639 से 668 Ratnanadi-Name of the disciple of Virnandi-1 and preceptor of Manikyanandi-1
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेतुत्व – Hetutva. Causative base. कारणपना, जैसे धर्म द्रव्य का लक्ष्ण गमन हेतुत्व है और जीव व पुद्गल के गमन मे धर्म द्रव्य सहकारी होता है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमाध्यात्मतरंगिनी: A book written by Acharya Shubhchandra Bhattarak.आचार्य शुभचन्द्र भटटारक (ई0 1516) कृत एक संस्कृत टीका।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधरा – रूचक पर्वत निवासिनी दिक्कुमारी देवी। Yasodhara-Name of a female divinity of Ruchak Mountain
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिनयान – Hiinayaana. Name of a Bauddha sect. एक बौद्व सम्प्रदाय, अपरनाम स्थविरवादी, ये रुढि़वादी है एवं इसके वैभाषिक व सौत्रांतिक दो भेद है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिंसात्व – Himmsaatva. Violenceful or violent sentiments. हिंसा का भाव।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हस्त – Hasta. Name of the 11th lunar among 28, the foream (a unit of measurement). 28 नक्षत्रों मे 11 वां नक्षत्र, इसका अधिपति देवता दिनकर है, क्षेत्र का एक प्रमाण, 2 विवक्षित वितस्ति ़1 विवक्षित हस्त।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग्य मुद्रा – जिनेन्द्र देव की मुद्रा ध्यानादि के योग्य आसन, पर्यकासन जिनमुद्रा, मुक्ताषुक्ति सुखासन आदि मुद्रा। Yogya Mudra-Appropriate posture for meditation like lord Jinendra deva
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योशा – स्त्री का एक पर्यायवाची नाम इसे युवती कहते हैैै। Yosa-Young women