तिर्यंच जलोक!
तिर्यंच जलोक Middle universe. मध्यलोक यह असंख्यात वलयाकार द्वीपों और समुन्द्रों से शोभायमान है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिर्यंच जलोक Middle universe. मध्यलोक यह असंख्यात वलयाकार द्वीपों और समुन्द्रों से शोभायमान है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिलपुच्छ Name of a planet (22nd out of 88). 88 ग्रहों में 22 वां ग्रह । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावप्रतिक्रमण – Bhavapratikramana. Internal atonement, internal penitence. आर्त, रौद्र इत्यादिक अशुभ परिणाम व पुण्यास्त्रव के कारणभूत शुभ परिणाम का त्याग करना ” यह प्रतिकर्मण वीतरागी मुनियों के होता है “
तिर्यक् Oblique or Tilt, Subhuman beings. तिरछा , टेढा , आडा, तिर्यंच गति के जीव। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशालनयन – Vishalanayana. Name of the 4th Rudra among all 11. ११ रुद्रों में चौथा रूद्र अपरनाम वैश्वानर ” इसकी ऊंचाई ९० धनुष एवं आयु एक लाख पूर्व की थी “
तिर्यंचगति One of the 4 body forms or destinities (Gatis) i.e. Gati of animals, the beings other than human, celestial & infernal beings. 4 गतियों में एक गति, मनुष्य, देव और नारकी जीवों करो छोड़कर शेष एकेन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय जीवों की गति , जो मायाचारी, आर्त्तध्यान आदि से प्राप्त होती है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विन्ध्य पर्वत – Vindhya Parvata.: Name of a mountain, one of the mountains at Shravanbelagola (a place of pilgrimage). श्रवणबेलगोल(कर्नाटक) के दो पर्वत में दूसरा पर्वत विन्ध्यगिरि ” जहाँ भगवान बाहुबली की 57 फुट ऊँची उन्त्तुग प्रतिमा विराजमान है “
एकेन्द्रिय जाति नामकर्म A karmic nature causing one sensed beings. जिस कर्म में उदय से एकेन्द्रिय जाति में जन्म मिलता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वारुणी –Vaarunii.: Name of a super power,Name of a city in the north of Vijayardh mountain. एक विद्या ,विजयार्ध पर्वत के उत्तरश्रेणी की एक नगरी “