निश्चय वात्सल्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय वात्सल्य – Nishchaya Vaatsalya. To keep real affection for soul. मुनियों द्वारा रागादि विकल्पों से रहित आनंदरूप सुखमय आत्मा के प्रति प्रीति करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय वात्सल्य – Nishchaya Vaatsalya. To keep real affection for soul. मुनियों द्वारा रागादि विकल्पों से रहित आनंदरूप सुखमय आत्मा के प्रति प्रीति करना “
दिगंबर संघ Group of Digambar Jain saints. मूल दिगम्बर जैन साधु संघ ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शाप – Shaapa. Curse. क्रोधवश किसी के लिए अनिष्ट वचन कहकर दुराशीष देना ” जैन साधु किसी को शाप नहीं देते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय नय – Nishchaya Naya. Absolute standpoint. जो नय वस्तु के असली स्वभाव या अभेद रूप को ग्रहण करता है “
दशानन Special name of Pratinarayan, Ravana, the king of Rakshas descendant. 8 वें प्रतिनारायण रावण का विशेष नाम जो की राक्षस वंश का राजा था।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दश प्राण Ten types of vitalities of living beings (pertaining to senses, mind speech body etc.). पाँच इन्द्रिय प्राण , मन, वचन, काय, बनलरूप तीन बल प्राण, श्वासोच्छ्वास और आयु ये दस प्राण हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक मंगल –Laukika Mangal All auspicious significant articles-filled pitcher,white mustard,mirror etc. श्वेत सरसों ,भरा हुआ कलश ,वन्दनमाला ,क्षत्र ,दर्पण आदि “
आवृत्तकरण Obscuration (related to Karmic theory). अन्य प्रकृति रूप करके कर्म का नाश करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय अनशन – Nishchaya Anasana. Absolute fasting with conquering the worldly desires. मुनि अवस्था में विषय सुख की अपेक्षा न करते हुए अर्थात् मन व इंद्रियों को जीतते हुए आत्मसुख में ही निवास करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शलाका पुरुष – Shalaakaa Purush. Particular 63 great personages like Tirthankar (Jaina-Lord), Chakarvarti (emperor) etc. in Jaina realm. तीर्थंकर, चक्रवर्ती आदि प्रसिद्द पुरुषों को शलाका पुरुष कहते है ” प्रत्येक कल्पकाल में ये 63 होते हैं ” 24 तीर्थंकर, 12 चक्रवर्ती, 9 नारायण, 9 प्रतिनारायण, 9 बलभद्र “