स्वभाव अनित्य नय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वभाव अनित्य नय – Svabhaava Anitya Naya. A standpoint related to non-eternity in pure nature.सत्तगौण उत्पादध्ययग्राहक स्वभाव अनित्य शुद्व पर्या
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वभाव अनित्य नय – Svabhaava Anitya Naya. A standpoint related to non-eternity in pure nature.सत्तगौण उत्पादध्ययग्राहक स्वभाव अनित्य शुद्व पर्या
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संमोह (देव) – Sammoha (Deva). A type of peripatetic deities. पिशाच जाति के व्यंतर देवों के 14 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वपर चतुष्टय – Svapara Catustaya. Quartel of the properties of matter (in relation to Dravya, Kshetra, Kal, Bhav) related to self & others.द्रव्य का अपना द्रव्य-क्षेत्र-काल-भाव स्वचतुष्टय एवं इतर द्रव्य-क्षेत्र-काल-भाव परचतुष्टय कहलाता है। इसकी अपेक्षा ही वस्तु मे अस्तिनास्ति, भेदाभेदपना पाया जाता है।
त्रसत्व Mobileness in the beings. जीवों के चलन की क्रिया , त्रस पर्यायपना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भदेय – Bhadeya. Name of a mountain of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरतक्षेत्र आर्य खण्ड का एक पर्वत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वतत्त्व – Svatattva. Real nature of the soul.जीव के निज भाव-औपशमिक, क्षायिक, क्षायोपशमिक, औदयिक और पारिणमिक भाव।
जयद्रथ Name of a warrior (related to Mahabharat). ज़रासंघ का एक योद्धा , इसने अभिमन्यु का वध किया था ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवचतुष्क Quartet of particular Karmic nature (reg. celestial beings). देवगति, देवगत्यानुपूर्वी , वैक्रियिक शरीर व वैक्रियिक अंगोपांग इन 4 कर्मप्रकृतियों का समूह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जयधवला A book written by Acharya Yativrishabh. आचार्य यतिवृषभ(ई. १५०-१८०) कृत कषायपाहुड़ ग्रन्थ की ६०,००० श्लोक प्रमाण विस्तृत टीका है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]