निश्चयज्ञान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयज्ञान – Nishchayagyaana. Absolute or right knowledge of self. सम्यक् व निर्विकल्प अपने स्वरूप को वेदन करना निश्चय ज्ञान है ” यह मुनि अवस्था में ही होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयज्ञान – Nishchayagyaana. Absolute or right knowledge of self. सम्यक् व निर्विकल्प अपने स्वरूप को वेदन करना निश्चय ज्ञान है ” यह मुनि अवस्था में ही होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संरक्षणानंद – Sanraksanaananda. To worry for prosperity. रौद्रध्यान का एक भेद; धन के उपार्जन एवं संरक्षण आदि का चिंतन करना “
उभयानंत An infraction of repentance (bilaterally). लोक के मध्य में आकाश प्रदेश की पंक्ति को दो दिशाओं में देखने पर उनका अंत नहीं पाया जाता है इसलिये उसे उभयानंत कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोहिताक्ष –Lohitaksha.: Name of the summits situated at-Gandhamadan vijayardh,Manushottar & Ruchak mountains,The 24th Patal(layer) of Saudharma-Eshan heavens. गंधमादन विजयार्ध पर्वतस्थ एक कूट ,मानुषोत्तर पर्वत का एक कूट ,रुचक पर्वतस्थ एक कूट ,सौधर्म –एशान स्वर्गों का 24 वां पटल “
दशकरण चूलिका A part or lesson of ‘Gommatsar-Karmakanda’ treatise. गोम्मटसार – कर्मकांड ग्रंथ का एक अध्याय , इसमें 10 कारणों का स्वरूप है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संमूर्च्छिम – Sammoorchchhima. Beings caused by spontaneous birth (not by womb or generation). गर्भज और उपपादज जन्म वालों के अतिरिक्त शेष जीव “
इष्टोपदेश Name of a book written by Acharya Pujyapad. आचार्य पूज्यपाद कृत 51 श्लोक प्रमाण आध्यात्मिक ग्रन्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निवेशन – Niveshana. Entrance, Investment, Act of establishing. स्थापना, प्रवेश, ठहरना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्हेतुक – Nirhetuka. Destitute of a cause. हेतु रहित या कारण रहित “