भ!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भ – Bha. The 24th consonant of the Devanagari syllabary. देवनगरी वर्णमाला का चौबीसवां व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान ओष्ठ के साथ जिह्म के स्पर्श से होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भ – Bha. The 24th consonant of the Devanagari syllabary. देवनगरी वर्णमाला का चौबीसवां व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान ओष्ठ के साथ जिह्म के स्पर्श से होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संदिग्ध अन्न – Sandigdha Anna. Doubtful edible material infected with bacteria or insects. ऐसे खाद्य पदार्थ जिसमें त्रस जीवों के रहने का संदेह हो “
ऐन्द्रिय दुःख Sensual pain. इन्द्रियों के द्वारा प्राप्त दुःख।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्याधर लोक – Vidyadhara Loka. World of Vidyadhars (on vijayardh mountain where 4th period of universal time cycle exists all the time). विजयार्य की उत्तर- दक्षिण दीशा की श्रेणी पर विद्याधर नगरियां बनी हुई हैं जिसे विद्याधर लोक कहते हैं ” यहाँ सदैव चौथा काल ही रहता हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यद्रष्ट–Yadrasht. A fault of criticism (reg. Jain saints). आलोचना का एक दोष” जो अपराध अन्य जनो ने देखे है, मुनि द्वारा उतने ही दोष गुरु के पास जाकरकहना”
ऐ The ninth vowel of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का नवां स्वर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावाभाव शक्ति – Bhavabhaava Sakti. One of the powers acquired by soul. जीव की एक शक्ति; सत् देवादि पर्याय का नाश करता है, इसलिए उसे भावभाव का (सत् के विनाश का) कर्तृत्व कहा गया है ” वर्तमान में होने वाली पर्याय के व्यय होने रूप शक्ति “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैजयंत –Vaijayainta Name of the 66th planet, Name of the cities in the north & south of Vijayardhmountain, The southern door to the surrounding wall of Jambudvip, Name of a door of Samavasaran land. ज्योतिष के ८८ ग्रहों में ६६वा ग्रह विजयार्ध की उत्तर व दक्षिण श्रेणी के दो नगर, जंबुद्वीप की…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाववाद – Svabhaavavaada. A doctrine related to the nature of a matter. काॅटे आदि मे तीक्ष्णता एवं पक्षु-पक्षी आदि मे अनेकपना उनमे स्वभाव से ही है ऐसा एकांत से स्वभाव को मानना एवं ज्ञान वास्तव मे जीव का स्वरुप है, उस हेतु से जो अखण्ड अद्वैत स्वभाव मे लीन है ऐसा निश्चय स्वभाव वाद…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव पाहुड – Bhava Pahuda. A book written by Acharya Kund- Kund. आचार्य कुन्दकुन्द (ई. १२७-१७९) कृत एक ग्रंथ “