निर्दु:ख!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्दु:ख – Nirdukha. Sorrowlessness, Name of a planet. दु:ख रहित अवस्था, एक ग्रह; 88 ग्रहों में 60 वां ग्रह “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्दु:ख – Nirdukha. Sorrowlessness, Name of a planet. दु:ख रहित अवस्था, एक ग्रह; 88 ग्रहों में 60 वां ग्रह “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रश्मिकलाप – एक हार, यह 54 लडियों का होता है। Rasmikalpa- A kind of wreath with 54 strings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरोध – Nirodha. Restraining, Controlling. रोकना, नियंत्रितकरना–गमन, भोजन, शयन और अध्ययन आदि विविध क्रियाओंमें भटकने वाली चित्तवृत्ति को रोक देना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निराभरण – Niraabharana. Compeletely freeness from all ornament (a characteristic of Jina-Lord idol). आभूषण से रहितता जिनप्रतिमाओं का एक लक्षण, जो राग अभाव का एक सूचक है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुवल्गु – Suvalgu Name of a region of western Videh. Name of a summit of Naggiri Vakshar (mountain) & its governing deity. अपर विदेहस्थ एक क्षेत्र (अपरनाम सुगन्धा ) । नागगिरि वक्षार का एक कूट व उसका स्वामी देव ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरर्थखण्डन – Nirarthakhandana. Rejoinder or refutation on the ground of meaningless. अर्थ-प्रयोजन रहित खंडन “
तीव्र कायाभिनिवेश Intense sex desire. काम क्रिया के प्रति तीव्र इचदा होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकसेन –Lokasena.: Name of the disciple of Achrya Gunbhadra. पंचस्तूप संघ की गुर्वावली के अनुसार आचार्य गुणभद्र के प्रमुख शिष्य ” आचार्य गुणभद्र रचित अधूरे उत्तरपूराण को पूर्ण किया ” समय –ई. 897-930 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरंतरबंधी प्रकृति – Nirantarabandhi Prakrti. Constant Karmic nature (reg. binding). जो प्रकृतियां अंतर्मुहूर्त आदि काल तक निरंतर रूप से बंधती है “