पोत्तकर्म!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पोत्तकर्म – Potta Karma. Idols or images made up of cloths. पोत्त का अर्थ वस्त्र, उससे निर्मित की गयी प्रतिमाओं का नाम पोत्तकर्म है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पोत्तकर्म – Potta Karma. Idols or images made up of cloths. पोत्त का अर्थ वस्त्र, उससे निर्मित की गयी प्रतिमाओं का नाम पोत्तकर्म है “
आचारवर्द्धन व्रत A type of vow. एक प्रकार का व्रत जिसमें सौ दिन उपवास एंव उन्नीस पारणा शामिल हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संशय मिथ्यादृष्टि – Sanshaya Mithyaadrsti. One with unstable or wrong religious belief. संशय मिथ्यात्व से सहित व्यक्ति “
इंद्रजीत The son of Ravana. रावण के पुत्र जो बड़वानी से मुक्त हुए।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीचंद्र – Shreechandra. Name of a king of Kuru dynasty, The 6th predestined Balbhadra. कुरुवंशी एक राजा, मंदर का पुत्र एवं सुप्रतिष्ठ राजा का पिता जो अंत में सुमंदर यति से दीक्षा ले मुक्ति गये ” आगामी छठा बलभद्र, महापुराण में इन्हें 9वां बलभद्र कहा है “
उद्भाव Origination, Production, Appearance. उत्पत्ति सन्तति उत्पादन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावक – Shraavaka. A householder who follows religious instructions with reverence, Lay followers in the Jaina order. विवेकवान विरुत्तचित अणुव्रती गृहस्थ ” इसके पाक्षिक, नैष्ठिक व साधक तीन भेद है “
दंडासन तप A type of posture of meditation (sitting erectly). कायक्लेश , दण्ड के समान सीधा बैठना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावाभिनन्दी – Bhavabhinadi. The welcomer of the worldly existence. सांसारिक अस्तित्व का अभिनन्दन करने वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रद्धावान – Shraddhaavaan. One possessing right faith or reverential belief. जो जिनवचनों में श्रद्धान करता है अर्थात सम्यग्दृष्टि “