धर्मनंदि!
धर्मनंदि A Bhattarak of Nandi group. नंन्दिसंघ बलात्कारगण के एक भट्टारक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मनंदि A Bhattarak of Nandi group. नंन्दिसंघ बलात्कारगण के एक भट्टारक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवीदास Name of a Hindi poet. एक हिन्दी कवि, जो बनासीदास के समकालीन थे इन्होंने हिन्दी छंदों में प्रवचनसार, परमानंदविलास आदि की रचना की। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिपुरारि A name of Lord Arihant among 1008 names, conqueror of birth, affliction by age & death. भगवान के 1008 नामों में एक नाम, तीन शत्रु अर्थात् द्रव्यकर्म, भावकर्म, नोकर्म को जीतने वाले, जिन्होंने जन्म, जरा, मरण इन तीन पुरों को जीत लिया है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्म(नाम) Name of chief disciples (Gandhars) of Lord Vasupujya and Lord Shreyansnath, Name of the 3rd Baldev, Another Name of Acharya Dharmasen. वासुपूज्य एवं श्रेयांसनाथ भगवान के प्रमुख गणधर, तीसरे बलदेव, श्रुतकेवली आचार्य धर्मसेन का अपरनाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धन्य Felicitous, Name of a saint of the era of Lord Mahavira. अभिनंदनीय ; एक मुनि भगवान महावीर के तीर्थ के अनुत्तरोपपादकों में से एक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धनकुमार चरित्र A book written by Acharya Gunbhadra. आचार्य गुणभद्र(ई. 1182) द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव सल्लेखना – Bhava Sallekhana. Auspicious and holy death with destruction of passions. राग, द्वेष और मोह से रहित होकर मृत्यु को प्राप्त करना “
द्वैधीभाव Dual nature as a virtue of king. राजा का एक गुण शत्रुओं में यथावश्यक संधि और विग्रह करा देना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वींद्रिय जाति नामकर्म A Karmic nature causing birth in the form of two sensed beings. वह कर्म प्रकृति जिसमें द्वींद्रिय जाति प्राप्त हो जैसे- शंख, सीप इत्यादि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्थान सन्निकर्ष:A type of Sannikarsh-close contact (related to all 8 karmas).सन्निकर्ष का एक भेद, आठों कर्मो विषयक सन्निकर्ष।