उज्झनशुद्धि!
उज्झनशुद्धि Purity of conduct, Detachment from worldly life. दर्शन ज्ञान व चारित्र शुद्धियों में एक शुद्धि पुत्र स्त्री परिवार आदि से ममत्व का त्याग करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उज्झनशुद्धि Purity of conduct, Detachment from worldly life. दर्शन ज्ञान व चारित्र शुद्धियों में एक शुद्धि पुत्र स्त्री परिवार आदि से ममत्व का त्याग करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आसीधिका Omen permission (taken while coming out from a temple etc.). जिन मन्दिर अथवा यति का निवास अथवा मठ से लौटते समय उच्चारण करने का शब्द जिसका अर्थ वहाँ रहने वाले भूत , यक्षादि से पूछकर बाहर आना है इसके लिये असही शब्द का भी प्रयोग होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य शुक्लध्यान – Bahya Sukladhyana. Meditational activity of controlling movements of body organs. आत्मा की वीतरागी अवस्था की बाहरी पहचान; शरीर और नेत्रों को स्पन्द रहित रखना, जंभाई, उदूगार आदि नहीं होना , प्राणापान का प्रचार व्यक्त न होना आदि बाह्य शुक्लध्यान हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मलसागर (आचार्य) – Nirmalasagar (Aachaarya). Name of a saint, the disciple of Acharya Shri VimalsagarMaharaj. आचार्यश्री विमलसागर महाराज (भिण्ड) के शिष्य (ई.श. 20-21), इनकी प्रेरणा से गिरनार सिद्धक्षेत्र का विकास हुआ है”
ईश्वरवादी Believer in God, Theist. ईश्वरवाद को मानने वाला जो ईश्वर को कर्ता व फलदाता मानते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आहारचर्या A time limit related to Digambar Jain saint-food. श्रावक के द्वारा नवधाभक्तिपूर्वक जैन साधु को आहार के लिए आमंत्रित करने पर साधु द्वारा विधिपूर्वक उनके घर में दिन में एक बार खड़े होकर पाणि पात्र में भोजन लेना दिगम्बर जैन साधु की आहारचर्या कहलाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्दोष – Nirdosha. Innocent, blameless. दोष रहित; समस्त पापमल कलंकरूपी कीचड़से रहित अर्थात् पवित्र “
आराधना पंजिका A commentary book of Bhagvati Aradhana. भगवती आराधना की टीका।[[श्रेणी:शब्दकोष]]