स्पर्ष सन्निकर्ष विधान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष सन्निकर्ष विधान – Sparssana Sannikarsa Vidhaana. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष सन्निकर्ष विधान – Sparssana Sannikarsa Vidhaana. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
तपविधा Supernatural powers, sanctified by fasting related to austerity. षष्ठ और अष्टम आदि उपवासों (बेला तेला आदि ) से सिद्ध की गयी विद्याएं ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
छद्म Disguise, Hypocrisy, Deception. ज्ञानावरण व दर्शनावरण को छद्म कहते हैं , धोखा , ठग , वेश , बदलते हुए ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष द्रव्य विधान – Sparssa Dravya Vidhaana. A type of anuyodgwar (disquisition door), contact of one matter with other.देखे- स्पर्श अंतर विधान, एक द्रव्य दूसरे द्रव्य से स्पर्श को प्राप्त होता है वह सब द्रव्य स्पर्श है।
तदुभयसारी ऋद्धि A type of super natural power. बुद्धि ऋद्धि का एक उपभेद जो बुद्धि नियम अथवा अनियम से एक बीजशब्द को ग्रहण करके उपरिम अधस्तन ग्रंथ को एक साथ जानती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैक्ष – Shaisha. New disciple-saint under the process of learning. नवीन दीक्षित मुनि जो श्रुत का अभ्यास करते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थौल्य – Sthaulya. Grossness, bulkinessस्थूल का भाव या कर्म स्थौल्य है।
तदुभय वक्ताव्यता A type of statement or exposition. वक्ताव्यता के 3 भेदों में एक भेद स्वसमय , परसमय दोनों का निरूपण करके जहां पर समय को दोषमुक्त दिखलाकर स्वसमय की स्थापना की जाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर्य –Virya Vitality, Potency, Spiritual power, शक्ति, गुण, आत्मा का बल जिसको विर्यातराय कर्म ढकता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिर आसन – Sthira AAsana. A stable posture of deep meditation.ध्याता का एक लक्षण। शरीर व ध्याय योग्य आसन की स्थिरता। या चंचलता रहित आसन।