दत्ति!
दत्ति Four types of Donation. दान, इसके 4 भेद हैं – दयादत्ति, पात्रदत्ति , समदत्ति , अन्वय दत्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दत्ति Four types of Donation. दान, इसके 4 भेद हैं – दयादत्ति, पात्रदत्ति , समदत्ति , अन्वय दत्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोक – Lok.: Universe (divided into three parts lower , middle & upper). आकाश का वह भाग जहाँ जीव आदि पांचों द्रव्य विद्यमान हैं “343 घनराजू प्रमाण लोकाकाश “यह तीन भागों में विभक्त है –अधोलोक , मध्यलोक व ऊध्र्वलोक “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पायस – Payasa. Rice boiled in milk with sugar (Kheer), an Indian sweet-dish. खीर. भगवान ॠषभदेव के अतिरिक्त शेष २३ तीर्थकरों को दीक्षा के बाद प्रथम पारणा के रूप में ‘खीर’ का आहार दिया गया था “
त्रिलक्षणत्व Substances having three factors (origination, destruction and continuity). द्रव्य जो उत्पाद , व्यय, ध्रौव्य तीन लक्षणात्मक होते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लीख-Likh. A lice or nit,A unit of area measurement. एक जीव जो सिर में पाया जाता है,क्षेत्र का प्रमाण,8 कर्मभूमिज का बालाग्र = 1 लिक्षा (लीख) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापाभीरू – Papabhiru. One who is having fear from sinful activities. पापों से डरने वाला “
तृषा Thirst (controlling thirst is an affliction). प्यास , 22 परीषहों में एक परीषहों में एक परीषह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवीदास Name of a Hindi poet. एक हिन्दी कवि, जो बनासीदास के समकालीन थे इन्होंने हिन्दी छंदों में प्रवचनसार, परमानंदविलास आदि की रचना की। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिपुरारि A name of Lord Arihant among 1008 names, conqueror of birth, affliction by age & death. भगवान के 1008 नामों में एक नाम, तीन शत्रु अर्थात् द्रव्यकर्म, भावकर्म, नोकर्म को जीतने वाले, जिन्होंने जन्म, जरा, मरण इन तीन पुरों को जीत लिया है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]